Highlights:
- घोटाले का खुलासा: जालंधर के सिविल सर्जन डॉ. ज्योति शर्मा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर करोड़ों के घोटाले की जांच शुरू की।
- उच्च स्तरीय जांच: 2019 से 2022 के बीच लोकल लेवल पर की गई पर्चेज में टेंडर्स और सैंक्शन लेटर्स की कमी पाई गई।
- कानूनी कार्रवाई: डॉ. शर्मा ने नैशनल हेल्थ मिशन के डायरैक्टर के आदेश पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने की मांग की।