पंजाबः अब विजिलेंस के रडार पर राजा वाड़िंग

चंडीगढ़ः कांग्रेस के पंजाब प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर प्रदेश की बसों की चेसिस राजस्थान से महंगे दाम पर लगवाने के आरोपों के बाद वह विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर आ गए हैं। राज्य सरकार ने अंदरखाते विजिलेंस ब्यूरो को राजा वड़िंग के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया है। विजिलेंस अब परिवहन विभाग के दस्तावेज खंगालने में जुटी है। राजा वड़िंग को साल 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी की कैबिनेट में परिवहन मंत्री बनाया गया था। गौरतलब है कि हाल ही में राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राजस्थान और हरियाणा के लोगों को पंजाब में सरकारी नौकरियां देने का आरोप लगाया था।

मानसा में भर्ती किए गए सात सब-इंस्पेक्टरों में से छह हरियाणा निवासी होने का मामला सामने आने के बाद वड़िंग ने सरकार पर पंजाबियों की अनदेखी का आरोप लगाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी वड़िंग पर पंजाब की बसों की बॉडी महंगे दाम पर राजस्थान में बनवाने और उनकी फिटिंग भी राजस्थान में ही कराने का आरोप लगाया था। तब सीएम मान ने राजा वड़िग से कहा था कि ‘कुछ दिन इंतजार कर लीजिए, आपके ऊपर भी बड़ी कार्रवाई होगी।’ इस मामले में मुख्यमंत्री मान का कहना था कि दूसरे राज्यों के लोग बस बॉडी लगवाने पंजाब आते हैं लेकिन राजा वड़िंग राजस्थान जाकर बस बॉडी लगवा रहे थे। विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दस्तावेजों की जांच शुरू की गई है। अगर किसी तरह की धांधली सामने आती है तो विजिलेंस आगे कार्रवाई करेगी। ब्यूरो के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार राजा वड़िंग के कार्यकाल में पंजाब रोडवेज के लिए 841 बसों की खरीद की गई जिनकी बॉडी (चेसिस) राजस्थान में बनवाई गई और उनकी फिटिंग का ठेका भी जयपुर की एक कंपनी को दिया गया। 

प्रत्येक बस की चेसिस 26 लाख रुपये में खरीदी गई। ब्यूरो को आशंका है कि इस खरीदारी में कमीशन का बड़ा खेल हुआ है। जिस दाम पर चेसिस खरीदी गईं, यह उसका बाजार भाव है जबकि 841 चेसिस की थोक खरीद में निर्माता कंपनी से कीमत में कोई छूट न लेना, यह संदेह पैदा करता है कि प्रत्येक चेसिस की खरीद में लाखों की कमीशनखोरी हुई है। इसके अलावा, 841 बसों की चेसिस की फिटिंग का काम भी जयपुर की बीएमएमएस कंपनी को प्रति चेसिस 11.98 लाख रुपये की दर से दिया गया, जबकि पंजाब में उस दौरान चेसिस फिटिंग करने वाली कंपनियां इससे काफी कम दाम में यह काम कर रही थीं।

विजिलेंस ने पाया है कि राजा वड़िंग ने परिवहन मंत्री रहते पंजाब में सेमी डीलक्स बस चेसिस की फिटिंग 6-7 लाख में और साधारण बस चेसिस की फिटिंग 4-5 लाख रुपये में हो जाती थी। इसके बावजूद राजस्थान की कंपनी को 11.98 लाख रुपये प्रति चेसिस के हिसाब से पैसा देकर फिटिंग कराई गई, जिससे पंजाब परिवहन विभाग को करीब 100 करोड़ रुपये का चूना लगा है। परिवहन मंत्री रहते राजा वड़िंग पर एक अन्य आरोप निजी ऑपरेटरों और अपने चहेतों को भारी संख्या में रूट परमिट बांटे जाने का भी लगा है। विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की भी जांच कर रहा है, जिसके लिए परिवहन विभाग के उन परमिटों का ब्योरा मांगा गया है, जो वड़िंग के कार्यकाल में जारी किए गए थे।

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