25 सितम्बर को कांग्रेस सरकार की दस महीनों की कारगुज़ारी का करेंगे पर्दाफ़ाश: सतपाल सिंह सत्ती

प्रदेश की जनता व कार्यकर्ताओं से दिग्गज भाजपा नेता का आह्वान; बड़ी संख्या में बने विधानसभा घेराव और प्रदर्शन का हिस्सा

बेरोजगारी भ्रष्टाचार भाई भतीजावाद बदलियां चुनावों में गाया झूठा राग कर्जा आपदा प्रबंधन में लापरवाही व प्रभावितों को राहत में भेदभाव के मुद्दे रहेंगे प्रदर्शन के केंद्रीय बिंदु

ऊना/ सुशील पंडित :   25 सितंबर 2023 को शिमला के चौड़ा मैदान में भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस सरकार के पिछले 10 महीनों की कारगुजारी का पर्दाफ़ाश करेगी। भाजपा के विधायक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं दिग्गज नेता सतपाल सिंह सती ने आज ऊना से प्रेस बयान जारी करते हुए यह बात कही है। उन्होंने प्रदेश की जनता एवं तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है की बढ़ चढ़कर इस प्रदर्शन में सभी लोग भाग लें और झूठी सरकार को बेनकाब करें।   सतपाल सत्ती ने कहा कि आज से 10 महीने पहले कांग्रेस ने झूठे वादे करके प्रदेश की सत्ता हथियाई थी। लेकिन पिछले 10 महीनों में हर क्षेत्र में कांग्रेस की सारी पोल खुल चुकी है। बेरोजगार लोग आज परेशान हैं, भ्रष्टाचार चरम सीमा तक पहुंच चुका है, भाई भतीजावाद प्रदेश में बढ़ गया है। बदलियों की अगर बात की जाए तो अपना पराया परिभाषित करके लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इन सब बातों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 25 सितंबर को शिमला के चौड़ा मैदान में सुबह 10:00 बजे विधानसभा घिराव के लिए इकट्ठा होने का समय निश्चित किया है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि इस घेराव में समूचे हिमाचल प्रदेश के कोने कोने से तमाम भाजपा कार्यकर्ता आएं और सभी लोग पिछले 10 महीनों में प्रदेश में कांग्रेस की जो कारूज़गारी रही है उसका विरोध करें।  
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अंदर चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस ने जो झूठ राग चलाया था वो आज पूरी तरह फ्लॉप हो चुका है। किसी विकास कार्य की बात करें तो कहते हैं पैसा नहीं है,  किए हुए विकास कार्यों  के भुगतान की बात करें तो कहते हैं पैसा नहीं है। वहीं दूसरी ओर पिछले 8 महीनों में यह सरकार 8000 करोड़ रूपया कर्ज उठा बैठी है  जबकि यही लोग पहले कर्ज लेने का विरोध करते थे। हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ आपदा प्रबंधन के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जो  लापरवाही बरती है यह  मुद्दा भी हम उठा रहे हैं कि लोगों के पास आज घर नहीं है लोगों की गौशाला गिर गई है कईयों के परिवारों के लोग चले गए, लेकिन राहत के नाम पर किसी को ₹200 किसी को ₹800 किसी को ₹10 हज़ार तो किसी को एक लाख रुपया दिया जा रहा है औरउसमें भी भेदभाव किया जा रहा है। यह सब मुद्दे इस प्रदर्शन के केंद्र बिंदु में है। 

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