पंजाबः विदेश जाने वाले छात्रों की बढ़ी परेशानी, कनाडा एजुकेशन फेयर Postponed

जालंधर, ENS : भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में आई तल्खी से विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, दोनों देशों में आई खटास के कारण अभिभावकों के साथ-साथ कंसल्टेंट तनाव में आ गए हैं। ऐसे में अगर कनाडा स्टडी वीजा बंद करता है तो कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों को काफी नुकसान होगा। बताया जा रहा है कि इसी को देखते हुए कंसल्टेंट कनाडा एजुकेशन फेयर स्थगित करने लगे हैं। मौजूदा हालात में जनवरी 2024 व मई 2024 इनटेक (कनाडा में चार माह के सेमेस्टर को इनटेक कहते हैं) के विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। इन दिनों में विद्यार्थी स्टडी वीजा लगाने के लिए एजुकेशन कंसल्टेंसी के कार्यालय की तरफ रुख करते हैं और कनाडा के कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेने के लिए कोर्सों का चयन करते हैं।

वहीं, एजुकेशन कंसल्टेंसी संचालक इन दिनों में एजुकेशन फेयर लगाकर विद्यार्थियों को कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज की ओर से दी जाने वाली स्कॉलरशिप व विभिन्न एकेडमिक सुविधाओं के बारे में बताते हैं। इसी फेयर के दौरान विद्यार्थियों को कॉलेजों व यूनिवर्सिटी के दाखिले का ऑफर लेटर दिया जाता है। कनाडा के कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि भी इस फेयर में हिस्सा लेते हैं और विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्सों की जानकारी देते हैं। जालंधर में 75 प्रतिशत एजुकेशन कंसल्टेंसी कनाडा स्टडी वीजा का काम करते हैं। इनमें से अधिकतर कंसल्टेंसी ने अक्टूबर के पहले सप्ताह तक कनाडा वीजा फेयर करवाना था। फिलहाल दोनों देशों के रिश्तों को देखते हुए अधिकतर कंसल्टेंसी ने एजुकेशन फेयर को स्थगित करते हुए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में करवाने का फैसला लिया है।

उनको उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्ते सुधर जाएंगे। बता दें कि दोआबा रीजन से हर वर्ष 30 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ने के लिए कनाडा जाते हैं। कनाडा स्टडी वीजा का काम करने वाले कंसल्टेंसी एजुकेशन फेयर करवाने या न करवाने को लेकर दुविधा में हैं। दोनों देशों के रिश्ते आने वाले दिनों में बिगड़ते हैं तो स्टडी वीजा पर असर पड़ेगा। फिलहाल अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है। जनवरी व मई इनटेक के लिए विद्यार्थियों ने आवेदन करना शुरू कर दिया था। अब विद्यार्थी के पारिवारिक सदस्य इस दुविधा में हैं कि स्टडी वीजा के लिए आवेदन करें या न करें। लोग इस दुविधा को दूर करने के लिए कंसल्टेंट से लगातार संपर्क कर रहे हैं।

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