भू राजस्व अधिनियम में संशोधन किए जाने को लेकर पटवार कानूनगो संघ ने जताया विरोध 

ऊना /सुशील पंडित  : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा भू राजस्व अधिनियम में संशोधन का संयुक्त पटवार कानूनगो संघ ने विरोध जताया। इस संबंध में मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर के माध्यम से एक मांग पत्र सौंपा गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने इस मामले को लेकर आज जिला मुख्यालय में रोष प्रदर्शन किया और डीसी कार्यालय तक रैली निकाली तथा भू राजस्व अधिनियम के विषयों तकसीम और पैमाइश में समय सीमा तय किए जाने को लेकर महासंघ सहमत नहीं है। लोगों को समय पर सुविधा मिले इसका महासंघ स्वागत करता है मगर यह केवल कानून बनाने से नहीं होगा अभी तो धरातल पर अवश्य पर सुधार करने होंगे।  जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि सरकार को इस तरह का कोई भी नियम बनाते समय एक बार कर्मचारियों के संगठन से बातचीत अवश्य करनी चाहिए। क्योंकि कर्मचारियों को ही इन योजनाओं को धरातल पर उतरना होता है।
ऐसे में तमाम परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए ही किसी नियम का निष्पादन किया जाना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए नए संशोधन के तहत पैमाइश के मामलों को 2 महीने में और तकसीम के मामलों को 6 महीने में निपटान आवश्यक होगा, लेकिन धरातल पर सरकार के यह नियम लागू करना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में काम कर रहे फील्ड स्टाफ पर सरकार द्वारा पहले ही अत्यधिक बोझ लाद दिया गया है। विभिन्न योजनाओं में अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ मिलकर पटवारी को काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। ऐसा दबाव बनाकर गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किया जा सकता। जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को इस नए संशोधन पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए यदि कार्यकारिणी के साथ वार्ता किए बिना इसको थोपने की कोशिश की गई तो महासंघ किसी भी प्रकार का आंदोलन करने पर विवश होगा।इस दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश चौधरी और जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार राजस्व विभाग के कर्मचारियों सहित मौजूद रहे। 

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