लिफ्ट में फंसी बच्ची का रो-रोकर हुआ बुरा हाल, मदद के लिए कैमरे के आगे जोड़ती रही हाथ, वीडियो वायरल

लखनऊः एलडीए के जनेश्वर एंक्लेव के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते बुधवार दोपहर दो बजे आठ साल की नन्हीं सी जान लिफ्ट में फंस गई। इससे अपार्टमेंट के लोगों में हड़कंप मच गया। बच्ची के चिल्लाने का वीडियो सीसीटीवी के जरिये फ्लैट में लाइव हुआ तो घटना का पता चला। लिफ्ट में फंसी ध्वनि अवस्थी 15 मिनट तक चिल्लाती एवं तड़पती रही, लेकिन मेंटेनेंस के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। जब लिफ्ट में ऑटोमेटिक डिवाइस एक्टिवेट हुई तो लिफ्ट बेसमेंट पर पहुंची।

इसके बाद डोर खुलने पर डरी-सहमी बच्ची बाहर निकल सकी। इस घटना के लिए लिफ्ट मेंटेनेंस एवं वैकल्पिक बिजली सिस्टम के अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदार हैं। आवंटियों ने बताया कि ध्वनि अवस्थी दोपहर दो बजे भूतल से 11वें तल स्थित फ्लैट जा रही थी। आठवें तल तक पहुंची थी कि तभी अचानक बिजली फेल होने से लिफ्ट थम गई।

लिफ्ट में फंसी बच्ची का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। लिफ्ट बंद होने से बच्ची डर गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। जब ऑटोमेटिक डिवाइस एक्टिवेट हुई तो लिफ्ट सीधे बेसमेंट आ गई। ध्वनि के पिता आशीष अवस्थी एक निजी संस्थान में शिक्षक हैं। इस घटना के लिए आवंटी अजय सिंह ने एलडीए की लिफ्ट मेंटेनेंस कंपनी एवं बिजली व्यवस्था के लिए जिम्मेदारी कंपनी के लोगों का दोषी ठहराया है। अजय का कहना कि लिफ्ट की डिवाइस एक्टिव होने के बाद निकट के फ्लोर का डोर खुलने के बजाय सीधे बेसमेंट पर खुलता है।

लिफ्ट में फंसने के बाद वह घबरा गई। उसे यह बात मालूम थी कि लिफ्ट में कैमरा है। वह एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश करती तो एक बार कैमरे में देखकर बचाने की गुहार लगाती। इसके बाद उसने भगवान से बचाने की गुहार लगाई। उसने हाथ जोड़कर कई बार कहा हे भगवान मुझे बचा लो। बिजली के चले जाने की वजह से वह बच्ची लिफ्ट में फंसी। एलडीए वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि जनेश्वर एनक्लेव में अचानक बिजली बाधित होने के कारण एक लिफ्ट में बच्ची फंस गई थी, जिसे तुरंत रेस्क्यू कर लिया गया। उन्होंने योजना के निवासियों से अनुरोध किया है कि 12 साल से छोटे बच्चों को लिफ्ट में सुरक्षा की दृष्टि से अकेले सफर न करने दें। लिफ्ट के मेंटेनेंस का काम अनुभवी फर्म को ही दिया गया है।

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