Punjab News: इराक में फंसे 2 नौजवानों की Sant Seechewal ने करवाई देश वापसी, देखें वीडियो

कपूरथलाः अरब देशों में भारतीयों को आ रही समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिन-प्रतिदिन उन पर दुखों के पहाड़ टूटते रहते हैं। ताजा मामला जालंधर जिले के पतराकलां से सामने आया है जहां, गुरप्रीत सिंह और सोदी राम अपना घर बनवाने के लिए लोन लेकर 2024 में कुवैत जाने के लिए एक ट्रैवल एजेंट से मिलेे थे। ट्रैवल एजेंट ने उन्हें कुवैत के बजाय इराक में भेज दिया, जहां कंपनी ने उन्हें बंधक बनाकर भूखा रखा। उन्होंने कहा कि उनके लिए इराक में एक दिन भी बिताना एक साल बिताने के समान हो गया था, यदि राज्यसभा सदस्य व पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने उनका दामन न थामा होता तो उनका उस कंपनी के जाल से वापस लौटना असंभव हो जाता। सुल्तानपुर लोधी की निर्मल कुटिया में अपने परिवारों के साथ पहुंचे गुरप्रीत सिंह और सोडी राम ने बताया कि उन्होंने अपना कर्ज उतारने के लिए कुवैत जाने के लिए ट्रैवल एजेंटों को 1 लाख 85 हजार रुपये दिए थे। अब तो हमारे लिए इस पर ब्याज को चुकाना भी बहुत मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि इराक में काफी मेहनत करने के बावजूद उन्हें न तो वेतन दिया गया और न ही उनका कोई बीमार होने पर इलाज कराया जाता था। यहां तक कि उन्हें 2 वक्त की रोटी भी नहीं दी जाती थी। उन्होंने यह भी बताया कि वापसी के दौरान भी कंपनी ने उन्हें वेतन नहीं दिया और उनसे विभिन्न कागजात पर हस्ताक्षर करवाए ताकि वह अपना बचाव कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। गुरप्रीत सिंह और सोडी राम ने नम आंखों से संत सीचेवाल का धन्यवाद किया, जिनकी बदौलत उनकी घर वापसी संभव हो सकी। गुरप्रीत व सोडी राम के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल से संपर्क किया था तथा उनके सदस्य 28 मार्च को वापस आ गए। उन्होंने यह भी खुलकर बताया कि गरीबी के कारण पहुंच न होने के कारण उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण ये भारतीय मात्र 14 दिन में वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार भारतीयों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बचाकर भारत वापस ला रहे हैं। संत सीचेवाल ने एक बार फिर पंजाब के लोगों, विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे अरब देश जाने से पहले किसी बुद्धिमान व्यक्ति से सलाह जरूर लें। उन्होंने पुलिस प्रशासन को ऐसे धोखेबाज और फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

एक दर्जन से अधिक भारतीय अभी भी उसी कंपनी में फंसे हैंः पीड़ित

इराक से लौटे गुरप्रीत सिंह और सोदी राम ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एजेंटों द्वारा बड़ी संख्या में भारतीयों को इस तरह से उस कंपनी में भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उस कंपनी के एजेंटों की धोखाधड़ी के कारण एक दर्जन से अधिक भारतीय कई वर्षों से वहां गंभीर स्थिति में फंसे हुए हैं।

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