धीमा जहर : महिला वैज्ञानिक ने साइंस लगाकर खत्म किया परिवार

नई दिल्ली :  महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में कातिल परिवार की वैज्ञानिक बहू ही निकली है, जिसने पुलिस से पूछताछ में स्वीकार भी कर लिया है कि उसने ही अपने पति समेत 5 लोगों को जहर देकर मार दिया था। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि 22 साल की कृषि वैज्ञानिक संघमित्रा ने जहरीला पदार्थ ‘थैलियम’ पति समेत 5 लोगों को दिया था और इन लोगों की अलग-अलग दिन जान ली। ऐसा इसलिए किया ताकि किसी को उस पर शक न हो।  इस हत्याकांड में वैज्ञानिक संघमित्रा ने अपनी एक परिजन रोजा रामटेके की मदद भी ली थी। पुलिस से पूछताछ में संघमित्रा ने बताया कि उसकी शादी सही नहीं चल रही थी। उसके पति और ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करते थे। इससे वह परेशान थी और उनके पिता भी तनाव में थे।

यही नहीं इसी तनाव के चलते पिता ने आत्महत्या कर ली थी और फिर इससे संघमित्रा का गुस्सा भड़क गया। वह ससुराल वालों से पिता की सुसाइड का बदला लेना चाहती थी। इसी के चलते उसने सभी को धीमी मौत मारने का प्लान बना लिया।  संघमित्रा ने बताया कि उसने काफी दिनों तक यह रिसर्च की थी कि आखिर कैसे थैलियम का इस्तेमाल जहर के तौर पर किया जा सकता है। 5 महीने पहले उसके पिता ने आत्महत्या कर ली थी और वह इससे बहुत परेशान थी। इसके बाद वह तेलंगाना से जहर खरीदकर लाई और 20 दिनों में 5 लोगों की जान ले ली। मृतकों के शवों की जांच में पता चला कि उनके शरीर में जहर का अंश था। 20 सितंबर से 10 अक्टूबर के दौरान संघमित्रा ने रोजा के साथ मिलकर सभी को जहर देकर मार डाला। इस तरह एक वैज्ञानिक ने अपनी समझ का इस्तेमाल परिवार के ही लोगों को मौत के घाट उतारने के लिए कर डाला।

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