जालंधर की 2 युवतियों के शादी के मामले में SSP मुखविंदर भुल्लर का आया बड़ा बयान, किया खुलासा

जालंधर, ENS: महानगर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां 2 लड़कियों ने खरड़ (मोहाली) के गुरुद्वारे में विवाह रचाया। जिसके बाद अब उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए जालंधर के एसएसपी को दोनों के जीवन व स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। वहीं जालंधर की उक्त 2 युवतियों के शादी मामले में नया मोड़ आ गया है। चंडीगढ़ के पास बसे मोहाली के गांव करोरा के गुरुद्वारा साहिब गुरु नानक निवास के रिकॉर्ड में 18 अगस्त को यह लड़का और लड़की के बीच में शादी का रिकॉर्ड दर्ज है। गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ने दो लड़कियों की आपस में शादी की बात को सिरे से नकार दिया है। इस संबंधी उन्होंने लड़का और लड़की के आधार कार्ड भी अपने रिकॉर्ड में रखे हुए हैं।

जबकि सुबह से ही मीडिया में आपस में दो लड़कियों के शादी करने की चर्चा चल रही थी। वहीं, इस मामले में जालंधर देहाती के एसएसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर ने कहा- यह एक क्लेरिकल मिस्टेक है। मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील संजीव विर्क ने कहा कि इसमें मानयोग अदालत में उन्होंने ही याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने लड़का लड़की की शादी के फोटो लगाए हैं। आपस में दो लड़कियों की शादी से संबंधित कोई मामला नहीं है।

इस मामले में अदालत की तरफ से जो आदेश जारी किया गया है, उसमें दोनों याचिकाकर्ताओं के नाम के पीछे कौर लिखा गया है। इस कारण यह मामला आपस में दो लड़कियों के की शादी का लग रहा है। आदेश में याचिकाकर्ताओं के नाम रणजीत कौर और मनदीप कौर लिखा गया है। जिसमें दोनों की उम्र 25 साल और 29 साल दर्शाई गई है। इसी आदेश से जालंधर के एसएसपी को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों लड़कियों ने अपनी याचिका में बताया कि वह बहुत पहले से एक-दूसरे को पसंद करती हैं और 18 अक्टूबर को उन्होंने खरड़ गुरुद्वारे में जाकर शादी कर ली। उनके इस फैसले से दोनों के परिवार वाले खुश नहीं हैं इसलिए उनकी जान को खतरा है।

इसी आशंका के चलते उन्होंने जालंधर देहाती पुलिस के एसएसपी को सिक्योरिटी के लिए मांग पत्र दिया, लेकिन वहां से कोई पहल नहीं हुई। ऐसे में उन्हें मजबूरन हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। लड़कियों की याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जालंधर देहाती पुलिस के एसएसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर को जरूरी सिक्योरिटी उपलब्ध कराने को कहा। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि अगर याचिका दायर करने वाली लड़कियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होती है तो यह आदेश उसमें आड़े नहीं आएंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक दोनों लड़कियां अपने शहर में रहें, तब तक जालंधर देहाती पुलिस को उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। पुलिस दोनों लड़कियों के जीवन की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करे।

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