इस मंदिर के पुजारियों की शुरू हुई ट्रेनिंग

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पुजारियों के लिए 11 दिवसीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर श्री लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति डॉ. मुरली मनोहर ने उमेश शर्मा, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट भवन, प्रमुख पुजारी और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया। जानकारी के मुताबिक चूड़ामणि संस्कृत संस्थान, बसोहली, कठुआ के सहयोग से केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, काशी, वाराणसी के संस्थानों के विशेषज्ञों ने कर्मकांड कौशल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में दो बैचों में 31 पुजारियों को शामिल किया जाएगा। इसमें विशिष्ट अनुष्ठानों, मंत्रों और प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बता दें कि एक पुजारी को अपनी पूजन विधि के बारे में अत्यधिक विशिष्ट और पेशेवर दृष्टिकोण के अलावा महारत हासिल करने की आवश्यकता होती है। मुख्य प्रशिक्षण सामग्री में कर्म कांड, उपासना कांड, ज्ञान कांड, सूक्त, स्तोत्र और संध्या वंदन शामिल है।

जानकारी के अनुसार निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले ये पुनश्चर्या कार्यक्रम पुजारियों के कौशल को बढ़ाने और उनके बौद्धिक विकास के लिए सहायक होंगे। एसएमवीडीएसबी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करते हुए आशा व्यक्त की कि यह प्रतिभागियों के मौजूदा ज्ञान और धार्मिक कौशल को सुदृढ़ और उन्नत करेगा। इस मौके पर प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला, कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, प्रो. राम राज उपाध्याय, प्रोफेसर डॉ. संजय तिवारी, ज्योतिषाचार्य डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, वेदाचार्य डॉ. अभिषेक उपाध्याय और डॉ. भारत भूषण पांडे आदि मौजूद थे।

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