Punjab Roadways के ठेका कर्मचारियों ने किया बसों का चक्का जाम, देखें Video

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फिरजोपुरः बजट सत्र में परिवहन विभाग व कच्चे कर्मचारियों का सरकार की ओर से मुफ्त यात्रा का करीब 1200 करोड़ रुपए अभी भी बकाया है और विभाग बंद होने की कगार पर है, जिसके रोष में आज रोडवेज के कच्चे कर्मचारियों ने बस स्टैंड बंद करके रोष प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा सत्र में कच्चे कर्मचारियों व परिवहन विभाग के लिए कोई उचित निर्णय न लेना यह साबित करता है कि सरकार परिवहन विभाग के प्रति उदासीन है तथा निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, क्योंकि सत्र में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा के लिए 450 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, इससे कहीं ज्यादा मुफ्त यात्रा सिर्फ 3 महीने में हो गई है। वर्तमान में परिवहन विभाग की मुफ्त यात्रा सुविधा के लिए सरकार पर करीब 1200 करोड़ रुपए की राशि बकाया है, जिसके कारण परिवहन विभाग की हालत पहले से ही काफी खराब है। कोई नई बसें शुरू नहीं की गई हैं। बसें बिना टायर और स्पेयर पार्ट्स के खड़ी हैं।

सरकार बनने के बाद से PUNBUS में टिकट मशीन भी नहीं है। 3 साल से अधिक समय बीत चुका है और अब तक परिवहन विभाग के कैजुअल कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया गया है और न ही सरकारी बसें मुहैया करवाई गई हैं, जबकि पनबस और पीआरटीसी विभागों को अपने स्तर पर लोन लेकर बसें खरीदनी पड़ रही हैं। रोडवेज हड़ताली कर्मचारी नेता गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने 1 जुलाई 2024 को संगठन के साथ बैठक कर 1 महीने के अंदर मांगों का हल करने का आश्वासन दिया था। उसके बाद पंजाब के परिवहन मंत्री और पंजाब के एडवोकेट जनरल ने 17 फरवरी 2025 को बैठक कर 10 दिन के अंदर परिवहन विभाग के लिए अलग नीति बनाकर कैबिनेट में पास करने को कहा था, लेकिन अभी तक कोई मसला हल नहीं हुआ।

इस बजट सत्र में परिवहन विभाग के कच्चे कर्मचारियों को विभाग के प्रति अपनी मांगों के समाधान की उम्मीदें थी, लेकिन एक भी मांग का समाधान नहीं हुआ है। हालांकि बजट सत्र के दौरान कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने का कोई जिक्र नहीं किया गया। मुफ्त यात्रा सुविधा के लिए कोई पैसा नहीं रखा गया है, जो निराशाजनक है जिसके चलते 7-8-9 अप्रैल को पंजाब भर में हड़ताल करने की तैयारी की जाएगी, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास पर धरना भी शामिल है। बसों में प्रचार प्रसार कर पंजाब के लोगों को सरकार की नीतियों से अवगत कराया जाएगा। मांग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा।

वहीं आम लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण बस स्टैंड पर आए यात्री परेशान नजर आए। लोगों का कहना है कि यदि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं तो उन्हें पूरा भी किया जाना चाहिए ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

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