पंजाबः DGP यादव ने जारी किया 11 पुलिस जिलों के SSP’s को कारण बताओ नोटिस 

चंडीगढ़ः पंजाब में पराली जलाने की घटना बढ़ती ही जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी पराली जलाने की घटना में कोई कमी नहीं देखी गई उल्टा मामलों में वृद्धि हो रही है। इस घटना से हरियाणा, दिल्ली और यहां तक की पंजाब के कुछ हिस्से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन स्थानों पर प्रदूषण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बेहद खराब एक्यूआई के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन मचना आदि जैसी कई समस्याएं हो रही है। बढ़ते एक्यूआई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को पराली न जलाने के लिए सख्त आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद हर रोज 1000 से ऊपर पराली जलाने के केस दर्ज किए जा रहे हैं।

बुधवार को ही पंजाब में पराली जलाने के 2,544 ताजा मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं वीरवार को हजार से ऊपर मामले दर्ज किए गए त शुक्रवार को 1150 मामले सामने आए। जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर से 17 नवंबर तक कुल 33,082 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए है। लगातार पराली जलाने के मामले जिस प्रकार बढ़ रहे हैं ये लोगों के लिए और चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस और सरकार पराली जलाने की घटनाओं को रोक क्यों नहीं पा रहा है। 

बढ़ती पराली जलाने की घटना पर पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने 11 जिला पुलिस बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, फिरोजपुर, लुधियाना, मोगा, मुक्तसर, संगरूर, जगराओं और खन्ना के एसएसपी के लिए कारण बताओं नोटिस जारी किए है। इतना ही नहीं पंजाब के चीफ सेक्रेटरी ने भी 9 जिलों के डीसी के लिए कारण बताओं का नोटिस जारी किया था। ये वो जिले हैं जहां पराली जलाने पर सख्ती होने पर भी मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पराली जलाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पंजाब पुलिस ने गांवों के सरपंचों को अपने-अपने गांव में पराली के जलने की सूचना देने के निर्देश दिए है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ है।

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