पंजाब : Guru Angad Dev Veterinary University में डॉग शो का किया गया आयोजन, देखें वीडियो

लुधियाना : गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी में डॉग शो का आयोजन किया गया। जिसमें 25 से अधिक नस्लों के कुत्तों ने हिस्सा लिया। भारत-पाक बॉर्डर पर तैनात BSF के डॉग स्पेशल तौर पर करतब दिखाने पहुंचे। फिरोजपुर से BSF द्वारा आधुनिक तकनीक से ट्रेनिंग देकर इन्हें शो में भेजा गया। BSF के अधिकारी BS शर्मा ने कहा कि यह डॉग्स बॉर्डर इलाकों में तैनात रहते हैं जो ड्रोन, विस्फोटक सामग्री और नशे को पकड़वाने में मदद करते हैं। इनकी खासियत यह है कि यह एक जवान की तरह 8 से 10 घंटे तक ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। ड्रोन की आवाज सुनते ही यह एग्रेसिव हो जाते हैं। कई किलोमीटर दूर से भी यदि ड्रोन की आवाज उनके कानों तक पहुंच जाए तो यह तुरंत उसे लॉकेट कर लेते हैं। पिछले कुछ दिनों में ब्रूटी नामक डॉग करीब 5 से 7 ड्रोन पकड़वा चुका है। BSF डॉग का 6 महीने का बच्चा अडॉप्ट करती है।

जिसे करीब 1 से 2 साल तक ट्रेनिंग पर रखा जाता है। इनके खान पान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रोजाना चिकन और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री इन्हें दी जाती है। BSF द्वारा रखे गए डॉग्स में सूंघने की शक्ति 20 से 30 फीसदी अधिक होती है। करीब 8 से 10 साल की सेवा लेने के बाद इन्हें रिटायरमेंट पर भेज दिया जाता है। BSF में जो मुकाबला होते हैं उनमें या डॉग्स काफी मेडल जीत चुके हैं। हाल ही में इन डॉग्स ने G-20 में भी डयूटी दी है। इन डॉग्स को इस शो में लाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को पता चल सके देश की रक्षा सिर्फ जवान ही नहीं बल्कि डॉग्स भी कर रहे हैं। पाकिस्तान से नशा काफी हद तक इन डॉग्स की मदद से आना काम हो रहा है।

खूबियों के चलते चुना गया जर्मन शेफर्ड

BSF ने खासतौर पर जर्मन शेफर्ड नस्ल के श्वान को ही चुना। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण उसके सुनने की खूबी है। जर्मन शेफर्ड डॉग के कान काफी अधिक संवेदनशील होते हैं। दूर से ही वह कोई भी हलचल सुन लेते हैं और प्रतिक्रिया भी देते हैं। सतर्क होते ही इनके कान खड़े हो जाते हैं और इनका ट्रेनर अलर्ट हो जाता है। अपने साथियों को अलर्ट भी कर देता है।

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