Punjab-Haryana High Court के बाद 2500 मकानों को प्रशासन करेंगा सील

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साढ़े 4 हजार मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी

नई दिल्लीः गुरुग्राम के डीएलएफ क्षेत्र में ढाई हजार मकानों को सील करने का काम आज से शुरू होने जा रहा है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने डीएलएफ क्षेत्र के मकानों में अवैध रूप से किए गए निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को सील करने का खाका तैयार कर लिया है। डीटीपीई कार्यालय की तरफ से ढाई हजार मकानों को सील किया जाएगा। यह काम 4 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चलेगा। इनमें 50 फीसदी लग्जरी घर हैं। आज से टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTP) अभियान शुरू करेगा। बताया जा रहा है कि जहां ये कार्रवाई की जाएगी, वहां पर फिल्म स्टार और बिजनेसमैन की कोठियां भी हैं। डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि करीब साढ़े चार हजार मकानों को कारण बताओ नोटिस दिए जा चुके हैं। मकान मालिकों की बात सुनने के बाद ढाई हजार मकानों के खिलाफ रिस्टोरेशन आदेश पारित किए जा चुके हैं। अब 4 अप्रैल से इन्हें सील करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सील को तोड़ा जाता है तो इन मकान मालिकों पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन घरों के पानी, सीवर और बिजली कनेक्शन डीटीपी प्लानिंग कार्यालय की तरफ से कटवाए जाएंगे। इनका कब्जा प्रमाण पत्र भी डीटीपी प्लानिंग कार्यालय की तरफ से रद्द किया जाएगा। बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल निर्धारित है। साल 2011 में डीएलएफ सिटी वेलफेयर एसोसिएशन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया था कि डीएलएफ के मकानों में नक्शे का जमकर उल्लंघन हुआ है। सात से आठ मंजिला मकान बना दिए हैं। इन मकानों में परचून, कपड़े, ब्यूटी पार्लर और मोबाइल की दुकान के अलावा रेस्तरां, पीजी और गेस्ट हाउस खोल दिए हैं। इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने आदेश दिए थे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीएलएफ एक से लेकर 5 तक के सभी ब्लॉक में रिहायशी प्लॉट हैं। यहां सरकार की तरफ से तय जगहों पर ही कॉमर्शियल एक्टिविटीज की जा सकती हैं। इसके बावजूद मकानों में अवैध निर्माण कर लिए गए है। अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैंं। डीटीपी इन्फोर्समेंट टीम की तरफ से डीएलएफ फेज 1 से 5 में मकानों पर कार्रवाई की जाएगी। एडवोकेट सतपाल यादव, महेश, दीपक कुमार, प्रदीप सिंह, अमित यादव, रोहित यादव ने कहा कि पिछले कई सालों से नगर निगम को व्यवसायिक टैक्स और डीएलएफ को मेंटेनेंस चार्ज दे रहे हैं। इसके बाद भी उनके खिलाफ ये कार्रवाई की जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है।    

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