पंजाबः फर्जी न्यूज चैनलों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर केंद्रिय मंत्री अनुराग ठाकुर का आया बयान

लुधियाना: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दिसंबर, 2021 से भारत की प्रभुसता और अखंडता के हित में, राज्य की रक्षा, विदेशी राज्यों के साथ दोस्ताना संबंध या सार्वजनिक व्यवस्था या उपरोक्त से संबंधित किसी भी गंभीर अपराध की उत्तेजना को रोकने के लिए एक्ट 2000 की धारा 69ए का उल्लंघन करने वाली सामग्री दिखाने के लिए 122 यूट्यूब-आधारित समाचार चैनलों तक सार्वजनिक पहुंच को अवरुद्ध करने के निर्देश जारी किए हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्यसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान सांसद (राज्यसभा) संजीव अरोड़ा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही। अरोड़ा ने फर्जी समाचार चैनलों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मंत्री से जवाब मांगा कि फर्जी समाचार चैनलों को बंद करने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए। इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा गया कि पिछले तीन साल में कितने चैनल बंद हुए हैं।

जिसके जवाब में केंद्रिय मंत्री ने कहा कि सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (आईटी नियम, 2021) को अधिसूचित किया है, जो डिजिटल मीडिया से संबंधित है। समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों द्वारा नियमों के तहत निर्धारित आचार संहिता के अनुपालन और उनके द्वारा नैतिकता के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक तीन पधरी विधि प्रधान करता है। 

इसके अलावा, मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए सभी निजी सेटेलाइट टेलीविजन चैनलों को उनके द्वारा प्रसारित सामग्री के संबंध में केबल टीवी नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत निर्धारित कार्यक्रम कोड का अनुपालन करना आवश्यक है। यह अधिनियम टीवी चैनलों द्वारा कोड के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र का भी प्रावधान करता है। जहां भी संहिता का उल्लंघन पाया जाता है, उचित कार्रवाई की जाती है।

आज यहां एक बयान में इसका खुलासा करते हुए अरोड़ा ने कहा कि अन्य समाचार-आधारित यूट्यूब चैनलों को 122 यूट्यूब समाचार चैनलों के खिलाफ सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई को एक “सबक” के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाये गये कानून का सभी को पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, विश्वसनीयता हर समाचार संगठन के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए समाचार रिपोर्ट पर लाइव होने से पहले प्री-चेक और काउंटर चेक किया जाना चाहिए।

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