143 सांसदों की सदस्या ही रद्द होनी चाहिए थी : वीरेंद्र कँवर

ऊना/सुशील पंडित : कुटलैहड़ से पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विपक्ष के खिलाफ बोलते हुए कहा है कि संसद की गरिमा को ताक पर रखने वाले 143 सांसदों को सदन की कार्रवाई से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने उपराष्ट्रपति के पद की गरिमा को भी तार तार किया था। ऐसे सांसदों को निलंबन से भी बड़ी सजा मिलनी चाहिए जिन्हें संविधान का भी जरा सा ज्ञान नहीं है। उनकी सदस्या ही रद्द कर देनी चाहिए थी। शुक्रवार को वीरेंद्र कंवर कुटलैहड़ के परोइयां चंगर गांव में संकल्प यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं के एक समूह को संबोधित कर रहे थे। कंवर ने कहा कि इस समय घर घर प्रधानमंत्री मोदी के विकास के चर्चे हैं। कांग्रेस पार्टी इस विकास और प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को पचा नहीं पा रही है। तभी तो विपक्ष के साथ मिलकर संसद की पूरी गरिमा ही दांव पर लगा दी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पता चला है कि आज कांग्रेस पूरे हिमाचल प्रदेश में जन आक्रोश रैली निकाल रही है। यह महज एक कोरा ड्रामा है। उन्हें इस ड्रामे का नतीजा 2024 के लोकसभा चुनाव में चुकता करना पड़ेगा जब भारतीय जनता पार्टी 400 से अधिक सीटें लाकर जीत हासिल करेगी। इस मौके पर जिला परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा, प्रधान आशा देवी, प्रधान सुनील कुमार, उप प्रधान कुलबीर सिंह,युद्धवीर सिंह,बीडीसी चैयरमैन देवराज शर्मा, एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुभाष चंद, कुटलैहड़ भाजपा महामंत्री मास्टर रमेश शर्मा, गुरचैन सिंह, सुरेंद्र सिंह,प्यार चंद, मंजीत सिंह,करनैल, प्रकाश चंद, बलकार सिंह, रंजना, आशा,रेखा, कमला देवी, निर्मला देवी व कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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