तरन तारनः जिले में सीआईए स्टाफ पट्टी के तत्कालीन मुखी बलजिंदर सिंह बाजवा को फिरोजपुर के सीआईए स्टाफ में बुलाकर अवैध रूप से रखे जाने के मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, इस मामले में तत्कालीन मुखी बलजिंदर सिंह बाजवा फर्जी केस में फंसाने के नाम पर 22 लाख रुपए भी वसूले थे। मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में डीआईजी इंदरबीर सिंह मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। इस मामले में अदालत ने डीएसपी लखबीर सिंह की अर्जी भी मंजूर कर ली है। बताया जा रहा है कि एडिशनल सेशन जज राकेश शर्मा की अदालत ने पुलिस की ओर से डीएसपी लखबीर सिंह को वादा माफ गवाह के तौर पर मंजूर कर लिया है।
बता दें कि रिश्वत मामले में डीआईजी इंदरबीर सिंह की आवाज के सैंपल लिए गए थे, जिस दौरान वादा माफ गवाह के तौर पर डीएसपी लखबीर सिंह ने बताया की आवाज डीआईजी इंदरबीर सिंह की ही है। हालांकि, अदालत में डीआईजी ने अपनी आवाज होने से मना कर दिया है। डीएसपी लखबीर सिंह के वकील दीपक अरोड़ा ने बताया कि अदालत ने बकायदा वादा माफ गवाह वाली अर्जी स्वीकार कर ली है। अब इस मामले पर मार्च माह में सुनवाई होगी।
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