पंजाब : मिड-डे मील को लेकर जारी हुए नए आदेश

चंडीगढ़ :  स्कूलों में अब स्टूडेंट्स को हफ्ते में एक बार मिड-डे मील में केले की जगह मौसमी फल खाने को दिए जाएंगे। इन फलों में किन्नू, अमरूद, लीची, बेर, सेब व आम तक शामिल हैं। इसका आगाज 12 फरवरी से होगा। इस चीज को अब मिड-डे मील के मेन्यू में शामिल किया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि अप्रैल से शुरू होने वाले नए सेशन में इस संबंधी मौसमी फलों की उपलब्धता के हिसाब से आदेश जारी किए जाएंगे। इससे पहले जनवरी में केला देने का फैसला लिया गया था। सर्दी की छुट्टियां होने से प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पा रहा था।

स्टूडेंट्स को मौसमी फल देने का फैसला CM भगवंत मान की अगुवाई में हुई मीटिंग में लिया गया है। इसके पीछे कोशिश यह भी है कि अपने स्थानीय फल उत्पादकों को भी लाभ हो सके। साथ ही स्टूडेंट्स की सेहत का ख्याल रखा जाए। काफी समय से इस मामले को विधायकों और कृषि माहिरों द्वारा उठाया जा रहा था। स्कीम में प्रति स्टूडेंट्स 5 से 6 रुपए खर्च करने की योजना है। यह सारी रणनीति पूरे मंथन के बाद बनी है। राज्य में इस समय 19120 सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी से 8वीं तक 18.35 लाख स्टूडेंट्स को दोपहर का खाना परोसा जाता है। प्रति स्टूडेंट्स 6 रुपए मौसमी फल पर खर्च किए जाएंगे, इस हिसाब से सालाना 52.86 करोड़ रुपए खर्च आएगा। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा मिड-डे मील स्कीम के तहत 456 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। सरकार द्वारा साल में 2 से 3 बार मौसम के हिसाब से मिड-डे मील के मेन्यू में बदलाव किया जाता है

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