सरस्वती पूजन पर स्पैंगल विहार बरोटीवाला में प्रतिभाओं ने दिखाया जलवा

ज्ञान व शोध को अपना हथियार बनाएं छात्रगण-डा. रणेश राणा 

डांस में प्रियांशी ठाकुर व नियति तो ड्राईंग में आयुषि व सौम्या ने मारी बाजी

सोसाईटी ने बच्चों के लिए आयोजित करवाई कई प्रतियोगिताएं


बददीसचिन बैंसल:बरोटीवाला के स्पैंगल विहार में बसंती पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने अलग अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिमालया फाऊंडेशन के अध्यक्ष डा. रणेश राणा ने शिरकत की।

सरस्वती पूजा आयोजन समिति अभिषेक कुमार, विक्रमजीत सिंह, विनय कुमार, रामकुमार, मुकेश कुमार, संतोष कुमार ने बताया कि हम हर साल इस पवित्र अवसर पर कालोनी में रहने वाले तमाम बच्चों की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाते हैं ताकि उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले। अभिषेेक ने बताया कि डांस जूनियर में प्रियांशी प्रथम, पार्थ द्वितीय व पूर्विका शर्मा तृतीय रहे। डांस सीनीयर विंग में नियति, विभा ठाकुर व प्रियंका द्विवेदी क्रमश: प्रथम द्वितीय व तृतीय रहे। ड्राईंग प्रतियोगिता जूनियर में आयुषि, अरमान ठाकुर,  कर्तव्या शर्मा तथा सीनीयर विंग में सौम्या, हर्षिता व सूर्या शेखावत प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे। जज की भूमिका गणेश दत्त शर्मा, सुषमा राणा व विनोद कुमार ने निभाई।

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ज्ञान और शोध सबसे बडा हथियार-डा. रणेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे हिमालया फाऊंडेशन के संरक्षक डा रणेश राणा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से आहवान किया वो ज्ञान को अपना हथियार बनाएं और जो भी लक्ष्य आपने सोचा है उस पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करें।

उन्होने कहा कि विद्या व हुनर की ही समाज कद्र करता है और उसी से ही हम आत्म निर्भर बनने की ओर अग्रसर होता है।उन्होने विद्यार्थियों से आहवान किया वो सोशल मीडीया से दूर रहें। उन्होने कहा कि बौद्विक विकास के लिए अपनी जिज्ञासाओं को अपने गुरुजनों से सांझा करें और अगर आप किसी क्षेत्र में श्रेष्ठ बनना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से बातचीत व विचार मंथन तथा चर्चा करें तथा शोध पर ध्यान दें।उन्होने स्पैंगल विहार कालोनी के निवासियों को बसंती पंचमी व सरस्वती पूजन की बधाई दी और कहा कि इस कालोनी में पूरे भारत के हर प्रांत के लोग मिलजुलकर आपसी सौहार्द से रहते हैं और यहां मिनी भारत के दर्शन हो जाते है।

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