पंजाबः किसानों के 2 सबसे बड़े संगठन हुए आमने- सामने, एक-दूसरे पर उठाए सवाल

चंडीगढ़ः किसान आंदोलन के बीच पंजाब के दो प्रमुख किसान संगठनों के नेता आमने-सामने हो गए हैं। वे बार-बार एक-दूसरे पर पलटवार कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि दिल्ली मार्च का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा का नहीं बल्कि कुछ किसान संगठनों का था। आंदोलन को लेकर उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है। इन संगठनों से उनके वैचारिक मतभेद हैं।

जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि उनके साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध रैली रखी गई है, जिसमें हमारा संगठन हिस्सा लेगा। अगली रणनीति पर चर्चा के लिए बुधवार यानी आज यूनियन की बैठक बुलाई गई है। जिसमें वह अपने अगले संघर्ष का ऐलान करेंगी। उगराहां ने कहा कि यूनियन ने हमेशा किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष किया है, लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। शंभू बॉर्डर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया के सामने खुलकर बात की। इस बीच सरवन सिंह पंधेर ने जोगिंदर सिंह उगराहां द्वारा उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया है। पंधेर ने कहा कि पिछले साल अक्टूबर से लेकर पिछले 5 महीनों में इस आंदोलन में शामिल होने के लिए पुराने किसान नेताओं के साथ करीब 13 बैठकें हो चुकी हैं।

उन्होंने बैठकों का ब्योरा सार्वजनिक करते हुए कहा कि जो लोग कहते हैं कि मैंने इन किसान नेताओं को निमंत्रण पत्र नहीं भेजा। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हमने एक बार नहीं बल्कि 13 बार निमंत्रण भेजा लेकिन उन किसान नेताओं ने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसलिए मुझ पर यह आरोप लगाना बेबुनियाद है कि मैंने किसी से बात नहीं की और किसी को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया। पंधेर ने इन 13 बैठकों में शामिल होने वाले नेताओं के नाम भी सार्वजनिक किए।

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