इलाके में गिराई गई 3 मंजिला अवैध इमारत, गरमाया मामला, देखें वीडियो 

निर्माण गिराने गई टीम पर पथराव, ACP और SHO की तोड़ी गाड़ी

लखनऊः यूपी की राजधानी लखनऊ में 3 मंजिला अवैध निर्माण को प्रशासन द्वारा धवस्त किया गया। वहीं अवैध निर्माण गिराने को लेकर बवाल हो गया। इमारत के गिरने के बाद मलबे में कुछ लोगों के दबे की की अफवाह फैल गई। इस दौरान गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। जब तक पुलिस और प्रशासन की टीम कुछ समझ पाती लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में एसएचओ और पीएसी की गाड़ी टूट गई। जबकि एसीपी की गाड़ी के शीशे भी टूटे हैं। इसके अलावा गुस्साए लोगों ने अकबरनगर रोड पर जो सीसीटीवी कैमरे लगे थे उन्हें भी तोड़ डाला। स्थिति ये हो गई कि प्रशासन और पुलिस की टीम को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। हालात को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। हालांकि स्थिति अब काबू में बताई जा रही है।

दरअसल, लखनऊ के अकबरनगर में हाईकोर्ट के आदेश पर रविवार को पुलिस और प्रशासन की टीम अवैध निर्माण को गिराने के लिए जेसीबी और पोकलैंड मशीन लेकर पहुंची। जेसीबी और पोकलैंड मशीन से अवैध निर्माण की बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू हुआ। अवैध रूप से बनाई गई फर्नीचर की इमारत को प्रशासन की टीम ने गिरा दिया। देखते ही देखते इमारत मलबे में तब्दील हो गई। इसी दौरान अफवाह फैल गई कि जो इमारत गिराई गई है उसके नीचे कुछ लोग दब गए हैं। जैसे ही ये खबर फैली तो क्षेत्रीय लोग मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन ने मलबे में किसी के दबे होने से इनकार किया है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। देखते ही देखते नाराज लोगों ने बवाल काट दिया।

पुलिस और प्रशासन की टीम पर पत्थराव शुरू कर दिया। इतने से भी जब मन नहीं भरा तो नाराज लोगों ने टीम को मौके से दौड़ा लिया। गुस्साए लोगों ने एसएचओ और पीएसी की गाड़ी को भी तोड़ डाला। पथराव में एसीपी की गाड़ी के भी शीशे टूटे हैं। इसके अलावा रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी गुस्साए लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। हालात ये हो गए कि अवैध निर्माण गिराने गई टीम को जान बचाकर मौके से भागना पड़ गया। ऐसे में जेसीबी और पोकलैंड मशीन वहीं छूट गई। अकबरपुर में बवाल की खबर जब उच्च अधिकारियों को लगी तो वह भारी मात्रा में पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। फिलहाल स्थिति को कंट्रोल में बताई जा रही है।

हालात को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात करके राहत बचाव कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है। रविवार को जिस तरह से अवैध निर्माण की कार्रवाई के विरोध में पत्थरबाजी हुई उसने हल्द्वानी हिंसा की याद दिला दी। हल्द्वानी में भी हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन की टीम अवैध निर्माण को हटाने पहुंची थी, लेकिन उपद्रवियों ने पत्थरबाजी करते हुए हिंसा का रूप दे दिया। हल्द्वानी में कई दिनों तक कर्फ्यू लगा रहा। इस दौरान कई लोग घायल हो गए जबकि कुछ की मौतें भी हुईं।

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