पंजाबः लोकसभा चुनाव को लेकर बढने लगी प्राइवेट विमानों और हेलीकॉप्टरों की मांग

प्रति घंटे का किराया जानकर आप हो जाएंगे हैरान 

चंडीगढ़ः लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बड़ी खबर सामने आई है। विमानन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे राजनीतिक दल 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हैं, पिछले आम चुनावों की तुलना में विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों की मांग बढ़नी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार चुनावों को लेकर विमानों और हेलीकॉप्टरों की 40 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। विशेष हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर सेवाओं का शुल्क प्रति घंटे के आधार पर चार्ज किया जाता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना ​​है कि विशेष विमानों की लागत प्रति घंटे 4.5 लाख रुपये से 5.25 लाख रुपये के बीच हो सकती है।

हेलीकॉप्टर का प्रति घंटा चार्ज करीब 1.5 लाख रुपये होगा। बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (बीएओए) के प्रबंध निदेशक कैप्टन आरके बाली ने न्यूज एजेंसी को बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान निजी विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों की मांग पिछले चुनाव की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 2023 के अंत तक 112 गैर-अनुसूचित ऑपरेटर (एनएसओपी) थे। आम तौर पर एनएसओपी ऐसी इकाइयां होती हैं जिनका कोई विशिष्ट निर्धारित कार्यक्रम नहीं होता है और उनके विमान आवश्यकता पड़ने पर उड़ान भरते हैं।

बाली ने कहा कि लगभग 112 एनएसओपी हैं लेकिन उनमें से 40-50 प्रतिशत केवल एक विमान संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसओपी के पास लगभग 450 विमान होने का अनुमान है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन ‘ऑपरेटरों’ के स्वामित्व वाले विमानों और हेलीकॉप्टरों की बैठने की क्षमता तीन से 37 तक है। आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश विमानों और हेलीकॉप्टरों में बैठने की क्षमता 10 से कम होती है।

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