पंजाब : लकड़ी की टोकरियां बनाने वाले हुए आर्थिक तंगी का शिकार, देखें वीडियो

पठानकोट: एक समय था जब सरकारें हर क्षेत्र के विकास के लिए अपना बहुमूल्य योगदान देती थीं। लेकिन आज के मशीनी युग में कई ऐसे प्राचीन क्षेत्र जो सदियों से चले आ रहे है। उनमें से कई बंद हो गए हैं और कई बंद होने की कगार पर खड़े है। ऐसा ही एक क्षेत्र है जिले के गांव अजीजपुर में टोकरी बनाने का काम। यह काम पीढ़ी दर पीढ़ी किया जा रहा है।

इसी क्षेत्र से लोग अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। जब हमने कारीगरों से बात की तो उन्होंने बताया कि एक समय था जब इनका काम अच्छा था। लेकिन आज के मशीनी युग में हमारा काम खराब होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज इन टोकरियों की जगह प्लास्टिक की टोकरियों और लोहे के बर्तनों ने ले ली है। पहले टोकरियों की कमाई अच्छी होती थी।

जिससे परिवार का गुजारा अच्छे से चलता था। लेकिन आज हमें एक टोकरी के 30 से 35 रुपये मिलते हैं, जिसमें से टोकरी की लागत लगभग 25 रुपये निकाल कर हमारे पास प्रति टोकरी केवल 10 रुपये बचते है। जिससे परिवार का गुजारा करना मुश्किल है। इसलिए हमारी राज्य सरकार से अनुरोध है कि इस क्षेत्र को विकसित करने का प्रयास किया जाए ताकि हमारे अच्छे दिन लौट सकें।

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