खेलते- खेलते 70 फीट गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा, बचाने में जुटी SDRF-NDRF की टीम

रीवाः मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक गांव में उसे वक्त हड़कंप पहुंच गया जब एक 6 साल का मासूम बच्चा बोरवेल के गड्ढे में गिरा और फंस गया। घटना की भनक लगते ही रीवा जिला प्रशासन सहित सभी प्रशासनिक टीम एक्टिव हो गई और मौके पर पहुंचे। फिर बच्चों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. 6 साल के बच्चे मयंक को रेस्क्यू करने के लिए अलग-अलग 8 से अधिक जेसीबी मशीन लगाई गई हैं। जिसके जरिए बोरवेल के बगल से ही सुरंग बनाने की कबायद की जा रही है। वहीं सीसीटीवी कैमरे के जरिए बच्चों की जहां निगरानी की जा रही है तो वहीं बोरवेल के अंदर उसे ऑक्सीजन मिल सके। इसके लिए ऑक्सीजन गैस भी पाइपलाइन के द्वारा बोरवेल के अंदर तक पहुंचाई जा रही है।

मौके पर रीवा कलेक्टर से लेकर पुलिस अधिकारी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बोरवेल के अंदर फंसे बच्चे का नाम मयंक बताया जा रहा है। बच्चा करीब 18 घंटे से बोरवेल में फंसा हुआ है। मौके पर 8 जेसीबी बोरवेल के पैरेलल खुदाई करने में जुटी है। बताया जा रहा है कि फिलहाल बच्चे का मूवमेंट पता नहीं चल पा रहा है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि बच्चे के ऊपर मिट्टी आ गई है। पूरा मामला रीवा जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर जाने थाना क्षेत्र के मनिका गांव का है जहां मयंक आदिवासी शुक्रवार की शाम करीब बच्चों के साथ खेत में खेल रहा था।

इसी दरमियां खेत में ही खुले पड़े बोरवेल के गड्ढे में गिर गया जिसके बाद वह तकरीबन 60 फीट से अधिक की गहराई में फंसा हुआ है। मौके पर कलेक्टर-एसपी समेत पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी डटे हुए हैं। वहीं त्यौंथर के विधायक सिद्धार्थ तिवारी भी मौके पर पहुंचे। साथ ही आसपास के लोगों की भीड़ भी यहां जमा हो गई है। रात का अंधेरा होने की वजह से प्रशासन को रेस्क्यू में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके प्रशासन लगातार जद्दोजहद में लगा है। इस पूरे मामले को लेकर रीवा ASP का कहना है कि मनिका गांव निवासी हीरामणि मिश्रा का खेत है, जहां बोरवेल खुला पड़ा हुआ था। वहीं एक 6 साल का मासूम बच्चा गिर गया है, जिसे बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

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