पंजाबः भाजपा दफ्तर में रात गुजारने के बाद बिट्टू ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, किए अहम खुलासे, देखें वीडियो

लुधियानाः लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा उम्मीदवार रवनीत बिट्टू की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते दिन बिट्टू ने नामाकंन भरने से पहले नगर निगम के नोटिस पर कोठी को लेकर 2 करोड़ रुपए जमा करवाए थे। जिसके बाद देर शाम उन्होंने कोठी खाली कर दी थी और भाजपा दफ्तर में उन्होंने अपना सामान शिफ्ट कर लिया था। इस दौरान बिट्टू ने भाजपा दफ्तर में जमीन पर सो कर रात गुजारी। जिसके बाद आज सुबह रवनीत बिट्टू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अहम खुलासे किए है। बिट्टू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने 2 करोड़ रुपए बीते दिन जमा करवा दिए है, लेकिन उसके बावजूद अब सरकार की अन्य कामों में मंशा बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि उसे मारने और उनका शिकार करने के लिए प्रशासन मंसूबे बना रहा है। बिट्टू ने कहा कि वह उन्हें पता है कि इस सीट से बीजेपी जीत रही है, तो ऐसे में सीट कांग्रेस और आप पार्टी मिलकर उन्हें परेशान कर रही है। बिट्टू ने कहाकि नहीं तो आप पार्टी की अकेले की इतनी हिम्मत नहीं थी। बि्टटू ने कहा कि पिछले चुनाव वह बैंस सहित अन्य विपक्ष के नेताओं के साथ इकट्ठे लड़ते रहे है। उन्होंने कहा कि पहले पार्टियां गैंगस्टरों और खालिस्तानियों से ऐसे काम करवाती थी। लेकिन अब बदलाव यह आया है कि अब पार्टी ने खुद जिम्मेदारी ले ली। बिट्टू ने कहा कि ऐसा ही सरकार ने सिद्धू मूसेवाला के साथ किया गया और उसे मरवा दिया गया।

वहीं बिट्टू ने कहा कि यही उनके साथ किया जा रहा है कि घर से बाहर निकालों और निहत्थे करों और काम करवा दों। बिट्टू ने कहा कि अगर उन्हें या परिवार के साथ कुछ भी हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी पंजाब के डीजीपी, पंजाब के चीफ सैकेटरी और पंजाब के मलंगों की सरकार की जिम्मेदारी होगी। बिट्टू ने कहा कि वह लुधियानावासियों को कहना चाहते है कि बाहर वालों को बाहर भगा दों। बिट्टू ने कहाकि उक्त कोठी में वह 100 कर्मियों के साथ रह रहे थे। क्या सभी कर्मी गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे थे और गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। उन्होंने कहा कि वह 6 महीने पहले भी नोटिस दे सकते थे। वहीं कोठी में वापिस जाने के बयान पर बिट्टू ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें कहा हैकि अगर वह कोठी में पैर दोबारा रखते है तो उनका नामाकंन कैंसिल कर दिया जाएगा। वहीं बिट्टू ने कहाकि जहां बेअंत सिंह की जान चली गई वहीं अगर उनकी भी लुधियानावासियों के लिए जान चली जाती है, तो उन्हें परवाह नहीं। 

 

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