जालंधरः गदईपुर में बैड से शव मिलने के मामले में हुआ एक ओर खुलासा 

जालंधर, ENS: गदईपुर में बैड से व्यक्ति का शव मिलने के मामले की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर प्रेस वार्ता के दौरान बताय था कि शव विनोद उर्फ नकुल है। जबकि बीते दिन जांच में खुलासा हुआ कि शव पूर्व पूर्व आर्मी ऑफिसर का है। मृतक की पहचान 70 वर्षीय योगराज खत्री के रूप में हुई है। अब इस मामले में एक खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार हिमाचली देवी ने जीवन साथी का इश्तेहार लगवा कर पूर्व अधिकारी योगराज खत्री को अपने जाल में फंसाया था। बीते दिन पूर्व आर्मी ऑफिसर के शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव उनके परिजनों के हवाले कर दिया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग समय हिमाचली देवी से पूछताछ की।

बताया जा रहा है कि एसीपी नॉर्थ, थाना 8 के प्रभारी चौकी इंचार्ज को वह अलग-अलग स्टेटमैंट देती रही, जिसके कारण पुलिस अब उसकी कोई भी बात सच नहीं मान रही। हिमाचली से जब पूर्व आर्मी ऑफिसर के बारे पूछा गया तो उसने कहा कि वह अकेली थी, जिसके चलते उसने साथी की तलाश में एड लगवाया था और फिर योगराज खत्री ने उसके साथ संपर्क किया जिसके बाद उनमें नजदीकियां बढ़ गई। बताया जा रहा है कि पूर्व आर्मी ऑफिसर खत्री मूल रूप से बरनाला के रहने वाले हैं, लेकिन कुछ समय से वह कपूरथला में रह रहे थे। जिसके चलते अक्सर वह उसके पास आ जाया करते थे। अब शक है कि योगराज खत्री की मौत या तो नैचुरल तरीके से हुई या फिर शरीरिक संबंध बनवाने के लिए खाई जाने वाली दवाई के कारण उन्हें अटैक आ गया। दरअसल, हिमाचली देवी ने शव को खुर्दबुर्द करने के लिए उसने शव को बैड के बॉक्स में डाल कर नमक डालना शुरू कर दिया था। उधर, थाना 8 के प्रभारी गुरमीत सिंह का कहना है कि हिमाचली देवी अभी पूछताछ में अलग-अलग बयान दे रही है जिसके चलते कुछ भी कहना अभी मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि पूर्व आर्मी ऑफिसर के मौत के कारण अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेंगे। हालांकि एसीपी नॉर्थ ने भी हिमाचली के साथ थाना आठ में लंबी पूछताछ की लेकिन वह लगातार अपने बयान बदल रही है। बता दें कि 7 मई को गदईपुर में रहने वाली हिमाचली देवी के घर के बैड से एक गली सड़ी हालत में शव मिला था। पुलिस ने हिमाचली से पूछताछ की तो उसने कहा कि उसके तथा कथित पति ने उस व्यक्ति को मार दिया और मृतक की पहचान विनोद कुमार उर्फ नकूल बताई थी। पुलिस ने प्रैस कांफ्रैंस करके मर्डर ट्रेस होने की बात कही लेकिन अगले ही दिन पता लगा कि वह शव नकूल का नहीं बल्कि मूल रूप से बरनाला के रहने वाले पूर्व आर्मी मैन योगराज खत्री का है। दरअसल लापता होने के बाद खत्री के बेटे ने पुलिस को शिकायत दी थी जिनके मोबाइल की लोकेशन खंगाली तो वह हिमाचली देवी के घर की निकली थी। पुलिस ने इस केस में हिमाचली के किराएदार सनोज कुमार को भी गिरफ्तार किया था जिसने हिमाचली की मदद की और शव को बैड में डाला था।

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