पंजाबः इस इलाके में लोगों ने किया चुनावों के बहिष्कार का ऐलान

लुधियानाः लोकसभा चुनावों को लेकर जगराओं में मांगों को लेकर नाराज चल रहे लोगों ने चुनावों का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। दरअसल, जगराओं में दिन प्रतिदिन गैस फैक्टरी का मुद्दा गरमा रहा है। जो चुनावों में नेताओं के गले की फांस बन गया। अब भूदडी गांव की तर्ज पर अखाड़ा गांव के लोगों ने भी चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला ले लिया है। जिससे लोकसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की नींद उड़ गई। गांव को लोगों ने प्रशासन की लापरवाही और गैस फैक्ट्री को बंद करवाने में फेल हुए अधिकारियों की आंखें खोलने के लिए अखाड़ा गांव के लोगों ने ऐलान कर दिया कि वह लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।

इस मामले को लेकर जानकारी देते हुए समाजसेवी व किसान नेता कमलजीत खन्ना ने बताया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते मजबूरी में गांव निवासियों ने ऐसा कदम उठाते हुए एक मंच पर आकर चुनावों बहिष्कार करने का फैसला लिया। गांव के लोगों ने कहा कि एक माह से अधिक समय से निर्माणाधीन गैस फैक्ट्री के सामने दिन-रात धरना-प्रदर्शन के बावजूद फैक्ट्री मालिक द्वारा मुख्य द्वार पर लोहे का गेट लगाने का प्रयास किया गया। जिसके बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल हो गया था। इसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से मामले को शांत करते हुए गेट का काम रूकवा दिया था।

लेकिन शुक्रवार देर शाम फैक्ट्री मालिक द्वारा फैक्ट्री में काम करवाने के लिए सीमेंट का ट्रक मंगवाया गया। जिसको लेकर गांव के लोगों ने जबरदस्त विरोध व नारेबाजी कर वापस भेज दिया। इस दौरान गांव लोगों व फैक्ट्री मालिक के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। जिसको लेकर डीएसपी सिटी जसज्योत मौके पर पहुंचे और मामला शांत करवाते हुए मसले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन फैक्ट्री मालिक की जिद के कारण मामला बीच में फंस गया। गांव के लोगों ने कहा कि इस समय प्रशासन सिर्फ चुनाव का समय निकालना चाहता है। क्योंकि अखाड़ा में एक महीने से धरना चल रहा है। वही गांव भूदडी में दो महीनो से ज्यादा समय से धरना चल रहा है। इस के बावजूद भी सुनवाई ना होने पर भड़के लोगों ने जगराओं-हठूर मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया।

वही गांव के लोगों ने फैसला लेते हुए ऐलान कर दिया कि 1 जून होने वाले लोकसभा चुनावों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा। गांव का कोई भी व्यक्ति वोट देने नहीं जाएगा। इतना ही नहीं गांव में कोई बूथ भी नहीं लगेगा। वहीं धरने को संबोधित करते हुए रिवोल्यूशनरी सेंटर पंजाब के नेता कंवलजीत खन्ना ने कहा कि इस धरती पर जन शक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। लेकिन जहां हजारों लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है। प्रशासन को हजारों लोगो की जिंदगी की कोई चिंता नहीं है चाहे हजारों लोग मर जाए। लेकिन प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री बंद नहीं करवाएगें। चुनावों के बहिष्कार की सूचना मिलने पर देर शाम तहसीलदार सुखचरण सिंह अखाड़ा गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गांव के लोगों को 6 जून तक समय देने को कहा। उन्होंने कहा कि 6 तारीख के बाद मामला हल कर दिया जाएगा। जिसके बाद गांव के लोगों ने कहा कि गांव में ना बूथ लगेगा ना गांव वाले वोट डालने जाएंगे।

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