मंदिर के पास जंगल में लगी भीषण आग

नैनीतालः उत्तराखंड के नैनीताल जिले स्थित कैंची धाम मंदिर के पास जंगल में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। जंगलों में आग इतनी भीषण लगी है कि वह लगातार तेज हवा के साथ फैल रही है। जानकारी के मुताबिक कैंची धाम मंदिर के पास चीड़ के जंगल हैं। इस वजह से भी इस आग पर काबू पाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। बता दें कि तेज हवाओं की वजह से यह आग आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ती जा रही है। इससे होटल और सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए भी खतरा है। गौरतलब है कि इन दिनों गर्मी की वजह से स्कूलों की छुट्टियां चल रही हैं, ऐसे में इन दिनों कैंची धाम में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहां होटलों से लेकर सड़कों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।

कैंची धाम के पास जंगलों में आग ऐसे वक्त में लगी है जब राज्य के अन्य जिलों में आग के मामले अभी शांत भी नहीं हुए। बता दें कि उत्तराखंड में सबसे भीषण आग उन वनक्षेत्रों में लगी है जहां चीड़ के पेड़ हैं। गर्मी का मौसम होने की वजह से कई जंगलों में लीसा निकाला जा रहा है और यहां आग और तेजी से भड़क रही है। उत्तराखंड वन विभाग के मुताबिक, कुमाऊं मंडल में आग लगने के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, वहीं गढ़वाल मंडल में भी आग लगने की काफी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आग लगने से राज्य की अमूल्य वन संपदा खाक हो रही है। कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ में सबसे अधिक आग लगने की घटनाएं सामने आई थी जहां फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।

इसके अलावा अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर जैसे जिलों के कई जंगली क्षेत्र भी आग की चपेट में आए थे जिनमें से बागेश्वर और चंपावत के अधिकांश इलाकों में आग पर काबू पा लिया गया है। वहीं गढ़वाल मंडल की बात करें तो यहां नरेंद्र नगर, उत्तरकाशी, मसूरी, कोटद्वार, टिहरी गढ़वाल, गोपेश्वर, रूद्रप्रयाग जैसे कई वन्यक्षेत्र आग की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से कुछ जगहों पर आग पर काबू पा लिया गया है जबकि कुछ जगहों पर अभी भी आग धधक रही है। उत्तराखंड वन विभाग के मुताबिक, आग लगने से 749.6375 रिजर्व फॉरेस्ट एरिया (हेक्टेयर) प्रभावित हुआ है। इन दिनों उत्तर भारत में गर्मी का मौसम है और आए दिन देशभर के अलग-अलग हिस्सों से आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। बीते दिन गुजरात के राजकोट और राजधानी दिल्ली के विवेक बिहार स्थित बेबी केयर सेंटर में भी लगी आग ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

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