Jalandhar: Civil Hospital के कर्मियों ने लगाया धरना, देखें Live

जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में कर्मचारी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। दरअसल, कर्मियों का कहना है कि कच्चे मुलाजिमों ना किए जाने से परेशान होकर और पुरानी पेंशनों को बहाल ना किए जाने से धरना लगा दिया है। वहीं भाजपा पर तंज कसते हुए कर्मी ने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश और बिहार में काम करने में लगी हुई है, पंजाब की ओर उनके द्वारा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि इस बार लोगों ने लोकसभा चुनावों में ही अयोध्या में हार का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि वह काफी समय से प्रशासन को कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने और पुरानी पेशन को बहाल करने के लिए कह चुके है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने कहाकि सिविल सर्जन बिल्डिंग को खाली करने के निर्देश दिए गए और दफ्तर को खाली करवाने के लिए कहा गया है।

जिसको लेकर उन्होंने कहा इस बिल्डिंग में बनाए जाने वाले कोविड सेंटर को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब फिर से बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू किया जा रहा है, जिसको लेकर आज वह धरना प्रदर्शन करके विरोध जता रहे है। बता दें कि सरकार द्वारा क्रिटिकल केयर सेंटर बनाए जाने को लेकर सिविल सर्जन की बिल्डिंग को 16 मई तक खाली करने के आदेश जारी हो चुके है। कहा जा रहा है कि इस बिल्डिंग को गिराकर क्रिटिकल केयर सेंटर की बिल्डिंग बनाई जाएंगी। इस मामले को लेकर पहले भी कर्मचारियों द्वारा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा चुका है। वहीं आज एक बार फिर से कर्मियों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें क्रिटिकल केयर सेंटर के बनने कोई ऐतराज नहीं है पर इससे पहले उनके काम करने के लिए नई जगह बनाई जाए। उनका कहना है कि वह अब कहां बैठ कर काम किया करेंगे।  

इस संबंध में जानकारी देते हुए कर्मचारी ने बताया कि उन्हें पहले भी बिल्डिंग खाली करने को लेकर नोटिस मिल चुका है पर उन्हें काम करने के लिए कोई नई जगह नहीं दी जाती। अब उन्हें सिविल सर्जन कहा कि कल तक यानी 16 मई तक बिल्डिंग को खाली किया जाए। वीडियो काफ्रेंस के जरिए हुई  मीटिंग में अधिकारियों द्वारा ये फैसला लिया गया है। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा धरना दिया गया है। कर्मी ने कहा कि सिविल अस्पताल में बने डी डिक्शन सेंटर में और पीपी यूनिट में उन्हें 2 से 3 कमरें दिए जा रहे है। इसी तरह से जच्चा-बच्चा वार्ड में 2 से 3 कमरों सहित एक स्टोर देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीपी यूनिट के जिन कमरों में उन्हें भेजा जा रहा है वहां पर मौजूद कर्मियों को शिफ्ट करने की भी कोई सुविधा नहीं बनाई गई है। इसके चलते वह भी घरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि इस बिल्डिंग को गिराकर सिविल अस्पताल में अलग-अलग जगह पर कमरे देना गलत है। उन्होंने सिविल सर्जन दफ्तर को विल अस्तपाल के साथ ही रखने की मांग की है। 

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