GST Counseling के फैसले पर LPU के संस्थापक और राज्यसभा मैंबर Ashok Mittal ने की PM Modi की सहारना, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: विश्वविद्यालय के छात्रों को अब हॉस्टल फीस पर जीएसटी नहीं चुकाना होगा। जीएसटी काउंसलिंग ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसर और बाहर के हॉस्टल शुल्क से जीएसटी हटाने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का देशभर के छात्रों ने सराहना की है। छात्र काफी खुश हैं और उनका कहना है जीएसटी के बचे हुए पैसे से शिक्षा में मदद मिलेगी। वहीं इस मामले को लेकर सांसद (राज्यसभा) और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल का बयान सामने आया हैं।

जिसमें वह पीएम मोदी की तारीफ करते नजर आए। उन्होंने कहा कि “पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसमें कामकाजी छात्र जो पीजी या कैंपस के बाहर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले छात्रों को 12 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता था। मोदी सरकार ने जीएसटी काउंसलिंग पर फैसला लेकर इसे शून्य कर दिया है जो की बहुत अच्छा फैसला है।”

बता दें कि काउंसिल ने कहा कि अब किसी शैक्षणिक संस्थान पर परिसर के बाहर हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जीएसटी नहीं देना होगा। हालांकि, इसके साथ शर्त यह होगी कि फीस की ऊपरी सीमा 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह होगी और छात्र को हॉस्टल में लगातार 90 दिनों तक रहना होगा। बता दें कि परिसर के अंदर हॉस्टल की सुविधा पर पहले से ही जीएसटी फ्री था।

एलपीयू के छात्रों ने कहा कि, सरकार की यह बेहद सराहनीय पहल है। हॉस्टल फीस पर जीएसटी शुल्क नहीं लगने से छात्रों के अभिभावकों को आर्थिक रूप से काफी राहत मिलेगा। उन्होंने कहा कि, विश्वविद्यालय के बाहर घरों में छात्रावास बनाकर गरीब बच्चों से मोटी कमाई की जाती थी। अब हॉस्टल पर जीएसटी फ्री करने से छात्रों की आर्थिक बचत होगी।

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