Jalandhar: Global Innovative Immigration ने विदेश भेजने का झांसा देकर ठगे 3 लाख रुपए, Siddharth Kataria पर केस दर्ज

जालंधर, ENS: महानगर में ट्रैवल एजेंटों द्वारा ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे है। हालांकि सीएम भगवंत मान सरकार ने हाल ही में ठगी मारने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन उसके बावजूद कुछ ट्रैवल एजेंटों द्वारा ठगी का आलम बरकरार है। उक्त ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ किसानों द्वारा धरना भी लगाया जा चुका है, लेकिन प्रशासन द्वारा उक्त ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही, जिसके चलते आए दिन ट्रैवल एजेंटों द्वारा ठगी के मामले सामने आ रहे है। वहीं ग्लोबल इन्नेवेटिव इमीग्रेशन प्लेसमेंट सर्विसेज के मालिक सिद्धार्थ कटारिया व ट्रैवल एजेंट द्वारा कनाडा वर्क परमिट पर भेजने का झांसा देकर ट्रैवल एजेंट ने 2 दोस्तों से 3 लाख 14 हजार रूपये ठग लिए न दोनों को विदेश भेजा न पैसे वापस किए।

शिकायत के बाद थाना नबी बारादरी की पुलिस ने ट्रैवल एजेंट के मालिक सिद्धार्थ कटारिया के खिलाफ 2 अलग-अलग केस दर्ज कर लिए है और इससे पहले उसके खिलाफ एक महीने में 10 केस हो चुके है। फोजी वाली गली रामामंडी के रहने वाले नवप्रीत ने बताया कि वह एसी रिपेयर का काम करता है। दो साल पहले अपने दोस्त बाबा बुड्डा की नगर के रहने वाले प्रभदीप के साथ बीएमसी चौक के पास माल में घूमने आया था, जहां उसने ट्रैवल एजेंट सिद्धार्थ कटारिया का विज्ञापन देखा था और उन्होंने विदेश जाने के लिए काल पर बात की तो सिद्धार्थ कटारिया बीएमसी चौक अपने दफ्तर में मिलने के लिए बुलाया, जहां उसने दोनों को विदेश कैमरा वर्क परमिट पर बेचने का झांसा दिया और बात साढ़े पांच लाख रुपये में लाख रुपया में तय हुई।

एजेंट ने उसे कहां कि पहले डेढ़ लाख रूपये एंबेसी फीस और फाइल खर्चा देना होगा बाकी के पैसे विदेश में उनकी सैलरी से कटेंगे, जिसके बाद दोनों ने एक साथ जाने के लिए पासपोर्ट और डेढ़ डेढ़ लाख रुपये ट्रैवल एजेंट को दे दिए। तीन महीने बीत जाने के बाद ट्रेवल एजेंट में उनका फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद वह ऊपर वाले एजेंट के दफतर में गए तो दफ्तर पर में उन्हें तीन युवक जिन्होंने कहा कि उनके साथ ठगी हुई तो उन्हें शक हुआ कि वह भी ट्रैवल एजेंट के झांसे में फंस गए हैं तो उन्होंने ट्रैवल एजेंट से पैसे और पासपोर्ट वापस मांगे। एजेंट ने उन्हें दस दिनों के बाद पैसे और पासवर्ड ले जाने के लिए कहा वह दस दिन बाद दफ्तर में गए दफ्तर बंद मिला, जिसके बाद उन्होंने शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों को दें और वहां से उनकी शिकायत थाना बारादरी की पुलिस को भेज देगी पुलिस ने जांच के बाद पुलिस ने सिद्धार्थ कटारिया के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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