हेल्थ टिप्सः तेज गर्मी के बाद उमस भरा मौसम आता है और इसके बाद बारिश की पहली बूंद के साथ इंफेक्शन वाली बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। जैसे ही उमस बढ़ती है हवा में आद्रता बढ़ जाती है। इस मौसम में वायरस, बैक्टीरिया या फंगस को ब्रीड करने के लिए अनुकूल समय मिल जाता है। असंख्य वायरस, बैक्टीरिया हर जगह मंडराने लगते हैं जिन्हें हम नंगी आंखों से नहीं देख पाते हैं, लेकिन ये हवा के माध्यम से हमारे शरीर में घुसते रहते हैं। जैसे ही ये हमारे शरीर में घुसते हैं, हमारे शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम इसे मारने लगते हैं।
हमारे मुंह में ही इतने तरह के केमिकल होते हैं कि ये इसमें फंसकर खत्म हो जाते हैं। इसके बाद अगर ये पेट में चला जाता है तो वहां भी इसे मारने के लिए गुड बैक्टीरिया तैयार बैठा रहता है। इसके बाद अगर यह खून में चला जाए तो व्हाइट ब्लड सेल्स खत्म कर देता है। ये सब तब तक कारगर हैं जब तक आपके अंदर इम्यूनिटी मजबूत है। अगर इम्यून सिस्टम कमजोर है तो ये वायरस या बैक्टीरिया आपको इंफेक्शन दे देगा और आप बीमारियों से ग्रसित हो जाएंगे।
डॉ. रसिका माथुर ने कहा कि प्रकृति ने हर मौसम में हमें सीजनल फूड की व्यवस्था की है जो उस मौसम से मुकाबला करता है। इसलिए मानसून का मौसम हो या कोई भी मौसम सीजनल सब्जियों का सेवन करें। वहीं जिन फूड में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है, उन चीजों का ज्यादा सेवन करें। इससे शरीर में फ्री रेडिकल्स नहीं बनेंगे। इसके लिए आप अंजीर, चेरी, अमरूद, खुबानी, तरबूज, पपीता, टमाटर, ब्लैकबेरी, रस्पबेरी, क्रेनबेरी, आम, लाल अंगूर, स्ट्रॉबेरी, जामुन आदि का सेवन करें। इसके साथ ही साइट्रस फ्रूट का ज्यादा सेवन करें. ये चीजें विटामिन सी और व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाता है और इससे इम्यूनिटी बूस्ट होती है।

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