कृपाण लेकर वे संगत की तरफ बढ़ा और सामने आने वालों पर कृपाण से वार करना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना में दो युवतियां घायल हो गई हैं, जबकि कुछ श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आई हैं। एक युवती के हाथ पर चाकू लगा, जबकि एक की बाजू व हाथ चाकू के करण जख्मी हो गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घायल युवतियों का कहना है कि अगर संगत आरोपी को काबू ना करती तो वे उन्हें मार ही डालता। वे मारने की नीयत से ही गुरुद्वारा परिसर में आया था। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ युवक को रोकने के लिए आगे बढ़ी। गुरुद्वारा परिसर के बाहर खड़ी पुलिस भी तुरंत हरकत में आई और युवक को काबू कर लिया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़ा गया युवक ब्रिटिश नागरिक ही है और उसकी उम्र मात्र 17 साल है। ये मामला सीधे तौर पर हेट क्राइम के साथ जुड़ा हुआ है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार- ग्रेवसेंड में सैडिंग्टन स्ट्रीट पर एक गुरुद्वारे में गड़बड़ी की रिपोर्ट के लिए गुरुवार 11 जुलाई को रात 8.10 बजे केंट पुलिस को बुलाया गया। यह बताया गया कि दो लोगों को चोटें लगी हैं। हमले को जीवन के लिए खतरा नहीं माना गया। उनका इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।Young man entered Gurudwara Sahib on the pretext of paying obeisance and attacked the Sangat with a weapon, watch video#Young #man #entered #ToxicTheMovie #Anupamaa #GurudwaraSahib #pretext #paying #obeisance #attacked #Sangat #weapon #watch #video pic.twitter.com/HHjq8NUMaP
— Encounter News (@Encounter_India) July 12, 2024
माथा टेकने के बहाने Gurudwara Sahib में घुसे युवक ने हथियार से संगत पर किया हमला, देखें वीडियो

चंडीगढ़ः ब्रिटेन के ग्रेवसेंड स्थित गुरु नानक दरबार गुरुद्वारे में हेट क्राइम का मामला सामने आया है। ब्रिटिश नाबालिग गुरुवार शाम (UK समय अनुसार) गुरुद्वारा साहिब में दाखिल हुआ और वहां सेवा कर रहे व माथा टेक रही संगत पर हमला कर दिया। संगत की मदद से पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ जारी है। मिली जानकारी के अनुसार एक संदिग्ध नफरत से प्रेरित चरमपंथी ने ब्रिटेन के ग्रेवसेंड में गुरु नानक दरबार गुरुद्वारे गुरुवार सुबह हमला किया। उस समय संगत गुरुद्वारा परिसर में माथा टेक रही थी। चश्मदीदों ने पुलिस को जानकारी दी कि वे सिख श्रद्धालु बन कर ही गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुआ था। माथा टेकते समय उसने कृपाण उठा ली।
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