Budget से Industry को नहीं मिली राहत, Jalandhar सहित इस जिले के उद्योगपतियों में छाई निराशा, देखें वीडियो

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लुधियानाः केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए तीसरे बजट में जालंधर सहित लुधियाना के उद्योगपतियों ने निराशा देखने को मिली। दरअसल, एमएमएमई इंडस्ट्री के कारोबारियों का कहना हैकि इस बजट में एमएसएमई उद्योग के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया और ना ही कोई राहत दी गई। उन्होंने कहा कि आज बजट से उन्हें काफी उम्मीदें थी।

उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्र द्वारा बिहार और आंद्र प्रदेश को बड़े पैकेज दिए गए थे, उसके बाद लुधियाना के उद्योग को पूरी उम्मीद थी कि पंजाब के उद्योग को भी कोई बड़ा पैकेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस बजट पर ना तो पंजाब के लिए और ना ही उद्योग जगत के लिए कोई खास पैकेज दिया गया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई इंडस्ट्री लगातार बर्बादी की कगार पर है। कारोबारियों ने कहा कि जिस तरह से एमएसएमआई में 45 दिनों के भुगतान के मसले पर उन्हें उम्मीद थी कि इस में कुछ दिन बढ़ा दिए जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।

वहीं जालंधर की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में भी काफी निराशा देखने को मिली है। मामले की जानकारी देते हुए रमेश आनंद ने बताया आज केंद्र द्वारा जारी हुए बजट से काफी निराशा उन्हें देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को किसी ओर से किसी भी तरह की सपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह चीन सहित अन्य देशों में सरकार व्यापारियों का पूरी तरह से सपोर्ट करती है। उन्होंने केंद्र और पंजाब पर निशाना साधते हुए कहाकि दोनों में किसी सरकार के पास ना तो व्यापारियों के लिए कोई सुविधा देने के लिए प्लान है और ना ही किसी तरह से उन्हें दोनों सरकार की ओर से कोई सपोर्ट है।

वहीं स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के सजंय ने कहाकि व्यापारी सरकार को पैसा देता है, लेकिन सरकार का व्यापारी वर्ग की ओर ध्यान ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाए हैकि सरकार का फ्री बांटने की ओर ध्यान है और वोट बैंक को इकट्ठा करने में सरकार लगी हुई है। संजय ने कहा कि सरकार बिजली सहित अन्य चीजे फ्री देने में लगी हुई है। लेकिन दूसरी ओर व्यापारी वर्ग से टैक्स इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग को कोई सुविधा नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि ना तो इनकम टैक्स और जीएसटी में कोई सुविधा दी है। उन्होंने कहाकि पिछले बजट और आज के बजट में कोई ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिला है।

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