कांग्रेस सरकार ने 60 वर्षों तक संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को नहीं दिया मान सम्मान: इंदु गोस्वामी

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कई बार संविधान से की थी छेड़छाड़,

भाजपा ने भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर को दिलाया वास्तविक में पूरा मान सम्मान: भुट्टो

ऊना/ सुशील पंडित: भारत के संविधान शिल्पकार महान समाज सुधारक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर देशभर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं । हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले में भी एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा नेताओं ने डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी,सदर ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती,भाजपा नेता महिंद्र, पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो के अलावा जिला के भाजपा नेता एवं हर मंडल के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने डॉ. अंबेडकर को सम्मान देने के विषय पर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही वह राजनीतिक दल है जिसने डॉ. अंबेडकर को वास्तविक और ऐतिहासिक सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा कि दशकों तक जिन राजनीतिक दलों ने केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए डॉ. अंबेडकर का नाम लिया, वे उनके विचारों और संविधान को बार-बार नजरअंदाज़ करते रहे। भाजपा ने न सिर्फ डॉ. अंबेडकर के विचारों को साकार करने के लिए ठोस प्रयास किए, बल्कि उनके योगदान को वैश्विक मंच पर भी सम्मानित किया।  भाजपा नेताओं ने यूपीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 60 वर्षों तक केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने कई बार संविधान के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की। डॉ. भीम राव अंबेडकर ने जिस उद्देश्य और सोच के साथ संविधान की रचना की थी, उसे बार-बार कमजोर करने की कोशिश की गई। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी, ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती और भाजपा नेता महिंद्र धर्माणी ने भी मंच से अपने विचार साझा किए। इंदु गोस्वामी ने डॉ. अंबेडकर को भारतीय समाज में समानता और न्याय का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी विचारधारा आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने डॉ. अंबेडकर के नाम पर अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ दलित, वंचित और पिछड़े वर्गों को सीधे तौर पर मिल रहा है।

भारतीय जनता पार्टी ने बीते वर्षों में डॉ. अंबेडकर की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचतीर्थ की अवधारणा के तहत अंबेडकर से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों का विकास किया गया है – जन्मभूमि (मऊ, मध्य प्रदेश), शिक्षा भूमि (लंदन और कोलंबिया विश्वविद्यालय), दीक्षा भूमि (नागपुर), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली), और चैत्य भूमि (मुंबई)। इन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर भाजपा ने डॉ. अंबेडकर की विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया है। दविंदर कुमार भुट्टो ने अपने भाषण में यह भी कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि विचारधारात्मक रूप से डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों को आत्मसात कर रही है। भाजपा की नीतियां समान अवसर, सामाजिक समरसता और सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांतों पर आधारित हैं, जो सीधे-सीधे अंबेडकर की सोच से मेल खाते हैं।

भारत रत्न डॉ अंबेडकर युवाओं के लिए एक बड़े आदर्श

भाजपा नेताओं ने युवाओं से अपील की कि वे डॉ. अंबेडकर की जीवनी से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि एक गरीब, दलित परिवार में जन्म लेकर भी शिक्षा और संघर्ष के बल पर डॉ अंबेडकर ने जो उपलब्धियाँ हासिल कीं, वे हर युवा के लिए प्रेरणा हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि संकल्प और मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। वहीं भुट्टो ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को समझने और आत्मसात करने का अवसर है। भारतीय जनता पार्टी के नेता दविंदर कुमार भुट्टो द्वारा रखे गए विचारों से स्पष्ट होता है कि भाजपा डॉ. अंबेडकर को केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान के सच्चे मार्गदर्शक के रूप में मानती है। यह समय है जब सभी राजनीतिक दलों को अपने-अपने स्वार्थों से ऊपर उठकर डॉ. अंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

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