अंसार बल के सदस्यों और छात्रों के बीच हिंसक झड़प में 40 घायल

ढाका: बांग्लादेश में शेख हसीना ने भले ही पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है और शेख हसीना ने देश भी छोड़ दिया। लेकिन शेख हसीना के जाने के बाद अभी भी शांति नहीं आई है। दरअसल, बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा देखी गई। ढाका में सचिवालय के पास अंसार बल के सदस्यों और छात्रों के बीच झड़प हुई जिसमें कम से कम 40 लोग घायल हो गए। ढाका मेडिक कॉलेज अस्पताल पुलिस शिविर प्रभारी एमडी बच्चू मिया ने कहा कि घायलों को रात करीब साढ़े 9 बजे अस्पताल पहुंचाना शुरू किया गया।

दरअसल दर्जनों अंसार सदस्य सचिवालय के मेन गेट पर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। तनाव तब बढ़ा जब हजारों की संख्या में छात्र लाठी-डंडों के साथ सचिवालय की ओर मार्च करने लगे। छात्रों ने अंसार सदस्यों को ‘निरंकुश शासन का एजेंट’ बताया। बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम अलो के ढाका यूनिवर्सिटी रिपोर्टर आसिफ हवलदार झड़प के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों के मार्च को देखते हुए अंसार सदस्य 9:20 बजे पर पीछे हटने लगे।

लेकिन कुछ देर बाद ही उन्होंने लाठियों से छात्रों को खदेड़ दिया। उन्होंने छात्रों को निशाना बनाकर ईंट फेंकी शुरू कर दी, जिससे दोनों समूहों के बीच झड़प शुरू हो गई। यह झड़प 10 बजे तक होती रही। दे डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक चैतन्य हुसैन नाम के एक छात्र ने बताया कि झड़प के दौरान दोनों पक्षों से लोग घायल हुए। छात्र मुराद मंडल ने कहा कि वह यूनिवर्सिटी में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत इकट्ठा करने और उसे बांटने में व्यस्त थे। कथित तौर पर उन्हें पता चला कि कुछ अधिकारियों और सलाहकारों को अंसार सदस्यों ने सचिवालय से बाहर नहीं निकलने दिया, जिसके बाद वह सचिवालय की ओर बढ़ने लगे। उसने कहा, ‘हमें अपने देश में किसी भी अंसार की जरूरत नहीं है।’ अंसार सदस्यों की ओर से पिछले दो दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा था। अंसार सदस्यों की मांग थी कि उनकी नौकरियों का राष्ट्रीयकरण किया जाए।

अंसार रेगुलेशन के मुताबिक एक सदस्य अगर लगातार तीन वर्षों तक सेवा में रहता है तो उसे छह महीने की छुट्टी पर भेज दिया जाता है। इस अवधि का पैसा उन्हें नहीं मिलता है। अंतरिम सरकार ने अंसार सदस्यों की मांग मानने का आश्वासन दिया। लेकिन इसके बावजूद कई सदस्यों ने प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक अंसार की तीन शाखाएं हैं- जनरल अंसार, बटालियन अंसार और ग्राम रक्षा पार्टी। अधिकारियों के मुताबिक 70 हजार सामान्य अंसार सदस्यों को कोई वेतन नहीं दिया जाता। अगर उसे सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है तब उसे 540 टका प्रति दिन मिलता है।

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