Punjab: Border पर High Alert जारी, लोगों को दिए आदेश, सीमा पर साजिशें रच रहा Pakistan

Written by

in

अमृतसरः जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब में रेड अलर्ट जारी है। वहीं पंजाब से सटे पाकिस्तान के बॉर्डर पर भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत के कड़े रुख के बाद घबराई पाकिस्तानी सेना ने जम्मू से सटे सियालकोट सेक्टर में अपनी तैनाती बढ़ा दी है। पिछले दो दिन में पाकिस्तानी सेना ने जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटे भारतीय इलाकों पर दो बार गोलीबारी की है। पाकिस्तानी सेना ने सीमा पर बसे अपने लोगों को किसी भी हालात का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है।

दरअसल, प्रदेश में अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर हैं। सभी जगहों पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अपनी क्विक रिएक्शन टीमों (QRT) को सक्रिय किया है। पाकिस्तान बॉर्डर पर कंटीले तारों के दूसरी तरफ खेती करने वाले किसानों को BSF ने 2 दिन में फसल काटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि अगर हालात खराब होते हैं तो उन्हें फेंसिंग के पार नहीं जाने दिया जाएगा। हालांकि, किसानों ने अधिक समय की मांग की है। उनका कहना है कि 2 दिन में फसल नहीं कट पाएगी।

वहीं दूसरी ओर जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल व नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना कड़ी चौकसी बरती जा रही है। थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कश्मीर का दौरा कर सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने जम्मू कश्मीर व लद्दाख में सेना को उच्चतम स्तर की सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सीमा से सटे इलाकों के किसानों को सीमा पार चल रही दुश्मन की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए तारबंदी के पार जमीनों में कटाई करते समय सतर्कता बरतने के लिए कहा है। सूत्रों के अनुसार सेना ने सीमांत क्षेत्रों में स्थित चिकित्सा केंद्रों के स्टाफ को भी निर्देश दिए हैं कि वे इलाज के साथ केंद्रों में पर्याप्त दवाई व अन्य बंदोबस्त करें।

अखनूर के परगवाल के किसान भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सीमांतवासी देश के लिए हमेशा सेना के साथ खड़े रहे हैं। दुश्मन सीमा पर साजिशें रच रहा है। ऐसे हालात में सीमा पर स्थित अपने खेतों में काम करते समय पूरी चौकसी बरत रहे हैं। सीमा पर बसने वाले लोग पाकिस्तान द्वारा पैदा की चुनौतियों का कई दशकों से सामना करते रहे हैं। पड़ोसी देश ने सीमांत वासियों को बड़े जख्म दिए हैं। ऐसे में सेना के जवानों की तरह वे भी सीमा पर किसी भी प्रकार के हालात का सामना करने के लिए तैयार हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *