कांग्रेस को संविधान से अधिक शरीयत पर विश्वास – वीरेंद्र कंवर

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संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस ने ही किया इसका सर्वाधिक दुरुपयोग: वीरेंद्र कंवर

कुटलैहड़ सेवा संगठन द्वारा बल्ह छपरोह व अन्द्रोली में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर गोष्ठी का आयोजन

ऊना/ सुशील पंडित:  कांग्रेस को संविधान से अधिक शरीयत पर विश्वास है। यह बात पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र कंवर ने कुटलैहड़ सेवा संगठन द्वारा बल्ह छपरोह व बाबा गरीबनाथ अंदरोली में आयोजित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर गोष्ठी में मुख्यवक्ता के तौर पर संबोधित करते हुए कही।

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल थोप कर लोकतंत्र और संविधान दोनों का गला घोंटा था। आज जो कांग्रेस संविधान के खतरे में होने का रोना रोती है, उसी ने धारा 356 का दुरुपयोग कर बार-बार निर्वाचित सरकारों को गिराया। उन्होंने कहा कि शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने के लिए राजीव गांधी सरकार ने संविधान में संशोधन कर न्यायपालिका की अवहेलना की। कांग्रेस हमेशा मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और संविधान से अधिक शरीयत को महत्व देती रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने आजादी के बाद देश को जो अद्वितीय संविधान दिया, उसके प्रति कांग्रेस का रवैया सदैव उपेक्षापूर्ण रहा। पंडित नेहरू ने डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया। यह ऐतिहासिक भूल अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने सुधारते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किया। अटल सरकार के दौरान संसद भवन परिसर में डॉ. अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचतीर्थों — महू, लंदन, नागपुर, दिल्ली और मुंबई — का विकास कर बाबा साहब के जीवन से जुड़ी स्मृतियों को देशवासियों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बाबा साहब का संपूर्ण जीवन सामाजिक समानता, न्याय और समरसता की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे डॉ. अंबेडकर की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए संविधान और सामाजिक एकता की रक्षा के लिए कार्य करें।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि डीएवी स्कूल ऊना के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सतपाल सिंह ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों और उनके अभूतपूर्व योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने छुआछूत, जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध जीवन भर संघर्ष किया और वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। सतपाल सिंह ने कहा कि डॉ. अंबेडकर जैसे महानायक का संघर्ष और योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

गोष्ठी में कुटलैहड़ सेवा संगठन के अध्यक्ष डॉ. बलवंत वर्मा, संयोजक चरणजीत शर्मा, सह-संयोजक राजेन्द्र रिंकू, सचिव मास्टर रमेश, महामंत्री कैप्टन सुभाष कौंडल सहित स्थानीय जनसमूह और संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना रहा।

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