Punjab News: Volvo Bus सेवाएं बंद, Delhi में प्रवेश पर लगी रोक

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प्रमुख बिंदु:
  1. दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सख्त कदम: पंजाब रोडवेज की बीएस-6 वोल्वो बसों पर 14 दिसंबर तक दिल्ली में प्रवेश पर रोक।
  2. पंजाब रोडवेज को भारी नुकसान: वोल्वो बसों के निलंबन से हर दिन 4.5 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
  3. यात्रियों को असुविधा का सामना: दिल्ली एयरपोर्ट के लिए वोल्वो बस सेवाओं के अस्थायी निलंबन से यात्रियों को परिवहन के वैकल्पिक साधन ढूंढने में कठिनाई हो रही है।
एनकाउंटर न्यूज़, 23, नवंबर 2024 (लुधियाना): दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण के कारण पंजाब रोडवेज की बीएस-6 वोल्वो बसों के दिल्ली में प्रवेश पर 14 दिसंबर तक रोक लगा दी है। यह फैसला दिल्ली सरकार के प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए ठोस कदमों का हिस्सा है। इसका असर सीधे तौर पर यात्रियों और पंजाब रोडवेज के आर्थिक राजस्व पर पड़ रहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने पंजाब से आने वाली बीएस-6 मानकों से कम डीजल से चलने वाली बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। अब तक, यह नियम बीएस-4 मॉडल की बसों पर भी लागू था। पंजाब रोडवेज की वोल्वो बसें, जो दिल्ली एयरपोर्ट के लिए प्रमुख परिवहन सेवा प्रदान करती हैं, अब 14 दिसंबर तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। लुधियाना डिपो के महाप्रबंधक नवराज बातिश ने कहा कि इस निलंबन से डिपो को हर दिन लगभग 4.5 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। इस मार्ग पर 12 वोल्वो बसें चलती हैं, जो 240 यात्रियों को हर दिन सेवा प्रदान करती हैं। यह निलंबन, यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिल्ली एयरपोर्ट जाने के लिए वोल्वो बसों पर निर्भर हैं। दिल्ली एयरपोर्ट के लिए वोल्वो बसों के अस्थायी निलंबन के कारण यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधन ढूंढने में कठिनाई हो रही है। खासकर वे यात्री, जो सीधे और आरामदायक मार्गों के लिए वोल्वो बसों का उपयोग करते थे, अब उन्हें अन्य साधनों के बारे में सोचना पड़ रहा है। यह स्थिति यात्रियों को असुविधा दे रही है, जो पहले सस्ते, आरामदायक और समय की पाबंदी वाली वोल्वो सेवाओं का इस्तेमाल करते थे। लुधियाना डिपो से आने वाली वोल्वो बसें, दिल्ली एयरपोर्ट, कनॉट प्लेस और अन्य प्रमुख क्षेत्रों तक की यात्रा करती थीं। इस फैसले से न केवल यात्रियों की सुविधा प्रभावित हो रही है, बल्कि पंजाब रोडवेज को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। डिपो को रोजाना लगभग 4.5 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है, जो प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उठाए गए कदमों के कारण हो रहा है। पंजाब रोडवेज और दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के साथ स्मार्ट और ईको-फ्रेंडली वाहनों का प्रयोग बढ़ाया जाए तो ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इलेक्ट्रिक बसें, और हाइब्रिड बसें प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक सेवा भी मुहैया करा सकती हैं।

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