Punjab News: पंजाब में फार्म टूरिज्म से बदल रही है पर्यटन की तस्वीर; मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड

  एनकाउंटर न्यूज़ (चंडीगढ़), 28 नवंबर 2024: पंजाब अब सिर्फ खेतों और अनाज की मंडियों का राज्य नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने फार्म टूरिज्म को बढ़ावा देने की नई नीति अपनाई है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही है। आईआईटीएफ (इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर) 2024 के दौरान दिल्ली के भारत मंडपम में पंजाब दिवस समारोह में राज्य के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य को ‘रंगला पंजाब’ में बदलना है। हमारी फार्म टूरिज्म नीति के कारण पंजाब तेजी से देश में फार्म टूरिज्म का केंद्र बन रहा है।” मंत्री ने बताया कि कैसे पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले का गांव हंसाली देश का ‘सर्वश्रेष्ठ गांव’ घोषित किया गया। यह सफलता राज्य की नई नीति और योजनाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “फार्म टूरिज्म के जरिए न केवल किसानों की आय में इजाफा हुआ है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। यह कदम राज्य के ग्रामीण इलाकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है।”

पंजाब पर्यटन से लेकर फिल्म सिटी तक

पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में न केवल फार्म टूरिज्म, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और फिल्म टूरिज्म को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
  • फिल्म सिटी: पंजाब सरकार ने राज्य में फिल्म सिटी बनाने की योजना बनाई है। इसके जरिए न केवल फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि राज्य को एक नई पहचान भी मिलेगी।
  • जल एवं एडवेंचर टूरिज्म: हाल ही में लॉन्च की गई ‘वाटर एंड एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी 2023’ राज्य में रिवर राफ्टिंग, बोटिंग और अन्य जल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।
मंत्री सोंड ने कहा, “पंजाब में पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं। धार्मिक स्थलों से लेकर ऐतिहासिक धरोहर, शहीदों के गांव, प्राकृतिक जलाशय और अछूते पर्यटन स्थलों तक—यहां सब कुछ है।”

आईआईटीएफ 2024 में पंजाब का भव्य प्रदर्शन

भारत मंडपम में आयोजित आईआईटीएफ 2024 के दौरान पंजाब पवेलियन में राज्य की सांस्कृतिक, औद्योगिक और कृषि धरोहर को भव्य तरीके से प्रदर्शित किया गया। पवेलियन में लगे स्टॉल्स में पंजाब टूरिज्म, मार्कफेड, वेरका, पीयूडीए, पीईडीए, पीआईडीबी, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जैसे विभागों ने हिस्सा लिया। यहां न केवल राज्य की परंपरागत हस्तकलाएं और कृषि उत्पाद दिखाए गए, बल्कि देसी खाने के स्वाद का भी अनुभव कराया गया। पंजाब दिवस समारोह में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध गायक लखविंदर वडाली ने अपनी सूफी गायकी से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके सुरों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंत्री सोंड ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए होटल और अन्य उद्योगों को खुला निमंत्रण देते हुए कहा, “पंजाब निवेश के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां की सरकार ने अनुकूल और उद्योग हितैषी माहौल बनाया है। फार्म, ग्रामीण, एडवेंचर और सांस्कृतिक पर्यटन में निवेश एक बेहतरीन पैकेज साबित होगा।” पंजाब सरकार की इन नीतियों से राज्य न केवल आर्थिक दृष्टि से मजबूत हो रहा है बल्कि एक नई पहचान भी बना रहा है। पीएसआईईसी के चेयरमैन दलवीर सिंह और कार्यकारी निदेशक भाई सुखदीप सिंह सिद्धू जैसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भव्य बनाया। पंजाब का यह कदम राज्य के लिए एक नई सुबह का संकेत है, जहां परंपरा और आधुनिकता का संगम पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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