Punjab News: Sukhbir Badal को Ram Rahim माफी केस मामले में श्री अकाल तख्त ने सुनाई सजा, देखे वीडियो

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पूर्व CM बादल से ‘फख्र-ए-कौम’ सम्मान वापस लेने का ऐलान

अमृतसरः गोल्डन टेंपल स्थित श्री अकाल तख्त साहिब पर आज 5 सिख साहिबानों की मीटिंग हुई। जहां जत्थेदार रघबीर सिंह ने शिरोमणि अकाली दल पार्टी से जिन नेताओं ने इस्तीफे दिए, उन्हें अगले 3 दिनों में स्वीकार करने के लिए कह दिया है। वहीं अकाली दल की सरकार के वक्त डेरा सच्चा सौदा सिरसा के मुखी राम रहीम को माफी और बेअदबी के मामले में सुखबीर बादल और बाकी सिख मंत्रियों को सजा सुनाई जा रही है। जत्थेदार रघबीर सिंह ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को पांचों तख्तों पर झूठे बर्तन साफ करने होंगे। वह श्री दरबार साहिब के बाहर बरछा लेकर बैठेंगे। उन्हें गले में तख्ती पहननी होगी। इसके साथ पूर्व CM स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल से ‘फख्र-ए-कौम’ सम्मान वापस लिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बागी चलने वाले नेताओं को फटकार लगाते हुए शिरोमणि अकाली दल के साथ चलने की नसीहत दी। रघबीर सिंह ने कहा कि सरकार के समय में सभी ने नेताओं के तौर पर काम किया और फिर पेंशन लेनी शुरू कर दी। मगर अब बागी हो गए। ऐसा करना गलत है। अकाल तख्त के जत्थेदार ने कहा कि SGPC के जिस पैसे से अखबारों में विज्ञापन दिया गया, उसे ब्याज सहित वापस करना होगा। इसमें सुखबीर सिंह बादल सहित कई नेताओं पर आरोप तय किए गए हैं। इसके पहले सभी के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान सुखबीर सिंह बादल ने राम रहीम को माफी देने की गलती कबूली। वहीं प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि मुझ पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। इसके साथ बलविंदर सिंह भूंदड़, दलजीत सिंह चीमा, करनैल सिंह पंजोली और गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने भी आरोप नकार दिए। मीटिंग में साल 2007 से 2017 तक शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सरकार के पूर्व मंत्रियों, 2015 की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की कार्यकारिणी के सदस्यों और मौजूदा प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को बुलाया गया है। जत्थेदार रघुबीर सिंह ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल आने वाले समय में पार्टी की नई कमेटी को लेकर चर्चा करे और नियुक्तियां करे। साथ में स्पष्ट किया गया है कि ये सारी प्रक्रिया चुनावी तरीके से हो। पैर में फ्रैक्चर की वजह से सुखबीर सिंह बादल व्हीलचेयर पर श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे हैं। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा भी पहुंचे हैं। 30 अगस्त को सुखबीर बादल को तनखैया घोषित किया गया था। सुखबीर बादल और 17 पूर्व अकाली मंत्री अकाल तख्त साहिब पर पत्र सौंप कर अपना स्पष्टीकरण सौंप चुके हैं। कुछ दिन पहले सुखबीर बादल ने अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर मांग की थी कि उन्हें तनखैया घोषित किए हुए 3 महीने से अधिक का समय बीत चुका है और उन्हें अब सजा सुनाई जानी चाहिए। अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि जो सजा सुनाई गई, हम उसे स्वीकार करते हैं। साथ ही साहिबानों ने कहा है कि सभी अकाली दल के नेता एक साथ चलें। हम इस पर भी काम करेंगे। सभी नेता एक साथ चलेंगे। हम पहले दिन से कह रहे हैं कि अगर अकाल तख्त ने कहा है तो हम एक साथ होकर चलेंगे। उन्होंने ‘फख्र-ए-कौम’ वापस लिए जाने पर कहा कि प्रकाश सिंह बादल फिलहाल दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में जो फैसला लिया गया वो सही होगा।

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