आज केंद्र के खिलाफ SKM के दोनों गुटों के नेता बनाएंगे रणनीति, डल्लेवाल के लिए संकट की घड़ी

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संगरूरः संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) गैर राजनीतिक के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन को आज यानी सोमवार को 49वां दिन हो गया है। बीते दिन डल्लेवाल का चेकअप करने के उपरांत डाक्टरों ने बताया कि उनकी हड्डियां सिकुड़नी शुरू हो गई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। इसी बीच एसकेएम के दोनों गुट राजनीतिक व गैर राजनीतिक के नेताओं ने घोषणा की है कि वे आज पटियाला के पातड़ां में बैठक कर केंद्र के खिलाफ संघर्ष की संयुक्त रणनीति बनाएंगे। इससे पहले यह बैठक 15 जनवरी को पटियाला में होनी थी।

बैठक में 13 जनवरी को ही केंद्र सरकार की कृषि विपणन नीति के ड्राफ्ट की प्रतियां जलाकर लोहड़ी मनाने का भी फैसला किया गया। उधर, खनौरी में पिछले दिनों अधरंग का दौरा पड़ने के बाद गंभीर हालत में पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती करवाए गए फरीदकोट जिले के गांव गोदारा बाजाखाना निवासी 80 वर्षीय किसान जग्गा सिंह की शनिवार देर रात मौत हो गई। जग्गा सिंह दस महीने से खनौरी में चल रहे किसान आंदोलन में डटे हुए थे। रविवार को खनौरी में एसकेएम गैर राजनीतिक से जुड़े संगठनों के नेताओं की बैठक हुई।

बैठक में सरवन सिंह पंधेर, भाकियू सिद्धूपुर के महासचिव काका सिंह कोटड़ा, अभिमन्यु कोहाड़, लखविंदर सिंह औलख, सुरजीत सिंह फूल, इंद्रजीत सिंह कोटबुढ़ा, बलदेव सिंह सिरसा आदि शामिल हुए। बैठक में नेताओं ने बताया कि एसकेएम राजनीतिक ने 15 जनवरी के बजाय 13 जनवरी को पातड़ां में संयुक्त बैठक के लिए अपनी सहमति दी है। ऐसे में दोनों गुट के नेता पातड़ां में बैठक करेंगे और केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा संघर्ष शुरू करने के लिए संयुक्त रणनीति बनाएंगे। बता दें कि जगजीत सिंह डल्लेवाल की लगातार नाजुक होती सेहत के मद्देनजर गैर राजनीतिक गुट ने शनिवार को दूसरे गुट को 15 जनवरी के बजाय इससे पहले संयुक्त बैठक करने की अपील की थी।

हरियाणा के हिसार से किसानों का जत्था पहुंचा खनौरी, रविवार को हरियाणा के जिला हिसार से बड़ी संख्या में किसानों का जत्था खनौरी पहुंचा और डल्लेवाल के संघर्ष को समर्थन देने की घोषणा की। इसके साथ ही चेतावनी दी कि अगर डल्लेवाल को कुछ हुआ तो केंद्र सरकार को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को हरियाणा के सोनीपत से किसानों का जत्था खनौरी पहुंचेगा। इसके बाद कैथल, जींद, पानीपत से जत्थे यहां पहुंचेंगे।

 

 

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