ब्रह्मा को बचाने के लिए भगवान विष्णु जी ने मधु ओर कैटभ का किया था वध, डॉ सुमन शर्मा

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माता के जयकारों से गूंज रही पूरी हिमुडा कलौनी बंगाणा, कथा व्यास डॉ सुमन शर्मा कर रहे अमृत वर्षा
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के हिमुडा कालौनी में बाबा पहाड़िया मंदिर कमेटी द्वारा चल रही श्री देवी भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने प्रवचन करते हुए कहा कि प्रलय काल के समय जब पूरा संसार एकार्णव में निमग्न हो रहा था, उस समय भगवान विष्णु शेषनाग शैय्या पर लेटे निंद्रा कर रहे थे। तभी उनके कानों के मैल से दो भयंकर राक्षस प्रकट हुए। जिनके नाम मधु और कैटभ थे। उन दोनों राक्षसों ने भगवान विष्णु की नाभि से निकले कमल में बैठे में ब्रह्मा को खाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तभी ब्रम्हा जी डर गए और उन्होंने निंद्रा देवी की स्तुति की और कहा कि हे देवी भगवान विष्णु की आंखों से बाहर हो जाइए और प्रभु के मन में इन दोनो राक्षसों के वध करने का उत्साह भर दो। कथा व्यास ने कहा कि ईश्वर की शक्ति से कोई भी शक्ति पार नहीं पा सकती। उन्होने कहा कि बलशाली दोनों ही राक्षस मधु और कैटभ ने भगवान विष्णु के साथ लगातार पांच हजार वर्षो तक युद्ध किया। तत्पश्चात भगवान विष्णु क्रोधित हो गए और उन्होंने राक्षस का सर अपनी जंघा पर रखकर धड़ से अलग कर दिया, लेकिन केटभ वहां से भाग निकला। कथा व्यास ने कहा कि धीरे धीरे केटभ का अत्याचार बढ़ता चला गया और तीनों लोकों मे त्राहि त्राहि मच गई। केटभ के अत्याचारों से परेशान देवताओं ने अपनी शक्तियों से एक आकृति उत्पन्न की जो कि मां दुर्गा के रूप में प्रकट हुई और उनके द्वारा राक्षस केटभ का वध किया गया। उन्होंने कहा कि मधु केंटभ का वध तथा मां दुर्गा की महिमा सुनकर सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए और मां दुर्गा के जयजय कारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। वही कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने व्यास मुनि की उत्पति ओर कैसे उन्होंने जपतप किया। उसके बारे में भी विस्तार से बताया। वही कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा ने सनातन धर्म की रक्षा ओर धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु सिमरन ही मनुष्य को भव सागर पार करवा सकता है। ओर प्रभु सिमरन से मनुष्य सफलता की मंजिल को प्राप्त करता है। कथा विराम के बाद सभी श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया,ओर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण करके भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। ज्ञात रहे बंगाणा हिमुडा कलौनी में प्रथम बार हो रही श्री मद देवी भागवत कथा को सुनने के लिए श्रोतागणों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि इससे पहले श्री मद भागवत कथा श्री राम कथा होती आई है। लेकिन इस बार आयोजकों द्वारा श्री मद देवी भागवत कथा सुनाने के लिए कथा व्यास आचार्य डॉ सुमन शर्मा से निवेदन किया है। इस मौके पर दीवा साड़ी एप्प के फाउंडर एवं सीईओ देश के प्रथम युवा व्यवसाई अंकुश वर्जाता, हंसराज वर्जाता,ज्योति वर्जाता, विनोद कुमार सेंटी, आर बी राणा, माया देवी मदन गोपाल बोहरा, राजन सोनी,बिंदू सोनी, अजमेर सिंह कुटलैहडिया,रणबीर पठनीया, कुशला पठनीया, विनोद कुमार शर्मा, अंजू शर्म, बबीता कुटलैहडिया, शिव कुमार वर्जाता,सुमन वर्जाता, रक्षा सोनी,मधु बोहरा,सुशील बाबा,सुरेन्द्र राणा, राकेश शर्मा,बलदेव शास्त्री,नरेंद्र शर्मा, कमल देव शास्त्री, कुलदीप शर्मा,विवेकशील शर्मा,मदन गोपाल डॉ केशवानंद शर्मा आदि सैकंडों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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