नए वेतन संहिता नियमों में संशोधन को लेकर सरकार के द्वार पहुंचे प्रतिनिधि

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सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन: ललित जसवाल 

ऊना/सुशील पंडित: नए वेतन संहिता नियम को लेकर प्रदेश में विभिन्न एजेंसियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने शिमला में उद्योग मंत्री हर्ष बर्धन व लेबर कमिश्नर डॉ वीरेंद्र शर्मा  को ज्ञापन सौंपा है। केपसी के महासचिव  ललित जसवाल ने  ज्ञापन देते हुए बताया कि नए नियमों में ये प्रावधान किया गया है कि अगर कोई भी कंपनी ,ठेकेदार माह की 7 तारीख से पहले कर्मी को पगार न दे तो सम्बंधित एजेंसी व ठेकेदार को  वेतन संहिता  नियम के अंतर्गत 50 हजार का जुर्माना  किया जा सकता है।  उन्होंने दलील दी कि  कई बार संबंधित कंपनियां व ठेकेदार 7 तारीख से पहले पगार नहीं देते । ऐसी स्थिति में वे किस प्रकार कर्मियों की पेमेंट करेंगे। उन्होंने अपना सुझाव  देते हुए कहा  कि इस नियम को लागू करने से पहले इसमें संशोधित किए  जाना निहायत जरूरी है।

इस बाबत प्रदेश के उद्योगमंत्री  व लेबर कमिश्नर को भी नियम संशोधित करने के लिए मामला ध्यान में लाया गया है। केपसी के प्रदेश  महासचिव एवं हिमाचल  सिक्योरिटी सर्विस के एम डी ललित जसवाल ने कहा कि यदि इस प्रावधान को जल्द संशोधित नहीं किया गया, तो इसका प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री पर गंभीर प्रभाव देखने को मिलेगा। इससे हजारों एजेंसियों के संचालन पर संकट आ सकता है और लाखों सुरक्षा कर्मियों का भविष्य दांव पर लग सकता है, जिससे ‘विकसित और सुरक्षित भारत’ के लक्ष्य को भी झटका लगेगा। उन्होंने सभी हिमाचल प्रदेश एवं केंद्र के संबंधित सरकारी विभागों और अधिकारियों से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उद्योगमंत्री व लेबर कमिश्नर ने मामले को लेकर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

 

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