दूल्हा-दुल्हन पर फेंकते हैं टमाटर तो कहीं कचरा, शादी की अजीबोगरीब परंपराएं

Written by

in

नई दिल्लीः शादी, जो दो आत्माओं के मिलन का प्रतीक होती है, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपने-अपने अनूठे रीति-रिवाजों के लिए जानी जाती है। कुछ परंपराएं जहां प्यार और पवित्रता की मिसाल पेश करती हैं, वहीं कुछ इतनी अजीब और मजेदार होती हैं कि सुनकर यकीन कर पाना मुश्किल हो जाता है। फिर भी, इन परंपराओं को निभाने वाले लोग मानते हैं कि इससे वैवाहिक जीवन सुखमय और सौभाग्यशाली होता है।

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर जिले के सरसौल शहर में शादी के दौरान एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां दूल्हे और उसके परिवार का स्वागत फूलों से नहीं, बल्कि टमाटर फेंककर किया जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह रस्म दूल्हे की परीक्षा लेने और उसे शुभकामनाएं देने का प्रतीक होती है।

जर्मनी में शादी के बाद नवविवाहित जोड़ा मिलकर लकड़ी के एक टुकड़े को दो हिस्सों में काटता है। यह रस्म इस बात का प्रतीक मानी जाती है कि अब दोनों मिलकर जीवन की चुनौतियों का सामना करेंगे।

‘Polterabend’ नामक रस्म में दूल्हा-दुल्हन और मेहमान मिलकर चीनी मिट्टी के बर्तन तोड़ते हैं। अगले दिन, वही नवविवाहित जोड़ा मिलकर इन टूटे हुए बर्तनों की सफाई करता है, जिसे रिश्ते में समझदारी और सहयोग का प्रतीक माना जाता है।

हँसते हुए दूल्हा और दुल्हन गर्मियों में एक साथ दौड़ते हैं जबकि डूबते सूरज की किरणें उनके पीछे चमकती हैं तस्वीर पृष्ठभूमि और मुफ्त डाउनलोड ...

वेनेजुएला में शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन बिना किसी को बताए चुपचाप समारोह से चले जाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करना सौभाग्य और समृद्धि लाता है। यह रस्म कुछ अजीब लग सकती है, लेकिन यहां यह एक परंपरा के रूप में निभाई जाती है।

स्कॉटलैंड में शादी से पहले “ब्लैकनिंग” नामक एक मजेदार और विचित्र रस्म निभाई जाती है। इसमें दूल्हा-दुल्हन पर काली स्याही, अंडे, आटा, कचरा और सड़ा हुआ खाना तक फेंका जाता है। उन्हें पूरी तरह गंदा कर दिया जाता है और फिर पूरे गांव में घुमाया जाता है। मान्यता है कि यह रस्म उन्हें शादी के बाद आने वाली कठिनाइयों के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है।

शादी से जुड़ी ये अनोखी परंपराएं न सिर्फ विभिन्न संस्कृतियों की झलक देती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि रिश्तों में मज़ाक, सहयोग और परंपरा का क्या महत्व होता है। चाहे टमाटर फेंकना हो या लकड़ी काटना, हर रस्म के पीछे एक गहरी सामाजिक सोच और विश्वास छिपा होता है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *