उधोग प्रबंधन ने विवाद के चलते कर दी तालाबंदी: कामगारों को निलंबन का नोटिस,कामगारों का संघर्ष तेज़

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ऊना/सुशील पंडित: मिडास केयर फार्मास्यूटिकल्स उधोग प्रबंधन में कामगारों के विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। आज सुबह उद्योग प्रबंधन ने गेट पर नोटिस चिपका कर तालाबंदी कर दी और कामगारों को प्रवेश से रोक दिया तो सुबह शिफ्ट में पहुंचे कामगारों को गेट पर ही रुकना पड़ा तो कामगारों ने मौके पर इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर तथा ग्राम पंचायत प्रधान सुरेखा राणा को बुलाकर हालात की जानकारी दी। मौके पर पहुंच दोनों नेताओं ने उद्योग के एचआर मैनेजर वरिंदर शर्मा से बातचीत कर मामला सुलझाने और कामगारों को अंदर प्रवेश देने की अपील की। लेकिन एचआर मैनेजर ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इस समय उद्योग में 56 कामगार कार्यरत हैं,  जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ वर्ष पहले इस उद्योग में ढाई सौ के लगभग कामगार कार्य करते थे लेकिन पिछले 5 वर्षों से सालाना वेतन वृद्धि नहीं की गई जिसको लेकर धीरे-धीरे कामगार अन्य उद्योगों में जाने के लिए मजबूर हुए। वहीं धूप और तपती गर्मी के बावजूद कामगार गेट पर बैठकर प्रबंधन के जवाब का इंतजार करते रहे तो प्रबंधन ने पुलिस बल तैनात कर दिया, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गांव बाथू में आयोजित कार्यक्रम में सभी कामगार एकत्र हुए और अपनी समस्या उनके सामने रखी। उपमुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप का आश्वासन दिया। उद्योग प्रबंधन ने यूनियन अध्यक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसे कामगारों ने पूरी तरह से निराधार बताया। उनका कहना है कि यह केवल वार्षिक वेतन वृद्धि और सुविधाओं से बचने के लिए किया गया षड्यंत्र है। कामगार यूनियन ने पहले भी जिलाधीश  महोदय, उपयुक्त महोदय,एसडीएम हरोली, उपमुख्यमंत्री  , थाना प्रभारी टाहलीवाल, और श्रम अधिकारियों को लिखित रूप में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। यूनियन प्रधान खुशहाल सिंह, महासचिव विजय राणा, परमजीत कुमार, अश्विनी कुमार, रफीक मोहम्मद, हरजीत, योगराज, जीवन देवी, प्रदीप कुमार, जसपाल, गगनदीप, हितेश, और अन्य कई कामगार इस आंदोलन में शामिल हैं। कामगार चाहते हैं कि प्रबंधन वार्षिक वेतन वृद्धि और सुविधाओं का मुद्दा तुरंत हल करे और तालाबंदी को खत्म कर कामगारों को काम पर वापस बुलाए। कामगारों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं मौके पर पहुंचे लेवर आफिसर अक्षय कुमार ने बताया कि उधोग प्रबंधन और कामगारों की समस्या को सुना गया है, दोनों पक्षों में समझौता करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कामगार उधोग के गेट पर बैठे हुए हैं जहां प्रबंधन से बातचीत कर लाईट की व्यवस्था करवा दी और कल दोनों पक्षों के प्रतिनिधि बुलाए गए हैं जहां प्रबंधन और कामगारों में चल रहे विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

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