टेस्ट के बाद इलॉन मस्क ने कहा कि स्टारशिप निर्धारित शिप इंजन कटऑफ तक पहुंच गया, इसलिए पिछली उड़ान की तुलना में बहुत सुधार हुआ है। रिसाव के कारण कोस्ट और री-एंट्री फेज के दौरान मेन टैंक प्रेशर में कमी आई। अब अगले तीन लॉन्च काफी तेजी से होंगे। लगभग हर 3 से 4 हफ्ते में लॉन्च होगा। स्टारशिप को भारतीय समय के अनुसार आज यानी, 28 मई को सुबह करीब 5 बजे टैक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया था। लैंडिंग बर्न के दौरान एक सेंटर इंजन को जानबूझकर बंद किया ताकि बैकअप इंजन की क्षमता का परीक्षण किया जा सके। इस टेस्ट में पहली बार 7वें टेस्ट में इस्तेमाल किए गए बूस्टर का दोबारा उपयोग किया गया है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली स्टारशिप कहा जाता है। ये पूरी तरह से रीयूजेबल है। आपको बता दें, स्टारशिप के ऊपरी हिस्से की इंडियन ओशन कंट्रोल्ड वॉटर-लैंडिंग कराई जानी थी जो नहीं हो सकी। इसके अलावा पेलोड डिप्लॉयमेंट और अंतरिक्ष में रहते हुए एक रैप्टर इंजन को चालू करने जैसे एक्सपेरिमेंट भी नहीं हो सके। बूस्टर के लैंडिंग बर्न के दौरान एक खास इंजन कॉन्फिगरेशन का प्रदर्शन किया गया। लैंडिंग के अंतिम चरण में तीन सेंटर इंजनों में से एक को जानबूझकर बंद किया गया ताकि यह जांचा जा सके कि मिडिल रिंग का बैकअप इंजन लैंडिंग को पूरा कर सकता है या नहीं। बूस्टर ने केवल दो सेंटर इंजनों पर स्विच किया। लैंडिंग बर्न के अंत में, जब ये गल्फ ऑफ अमेरिका के ऊपर था, तो इंजन बंद कर दिए गए। इसके बाद बूस्टर ने पानी में हार्ड लैंडिंग की।पृथ्वी के सबसे Powerful Rocket का 9वां टेस्ट Fail, अमेरिका की खाड़ी में Hard Landing, देखें वीडियो pic.twitter.com/JA4IeokPbl
— Encounter India (@Encounter_India) May 28, 2025
पृथ्वी के सबसे Powerful Rocket का 9वां टेस्ट Fail, अमेरिका की खाड़ी में Hard Landing, देखें वीडियो

नई दिल्लीः पृथ्वी के सबसे ताकतवर रॉकेट में से एक स्टारशिप का 9वां टेस्ट भी फेल हो गया। लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की।
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