Punjab News: Chirag Immigration ने विदेश भेजने के नाम पर 3 लोगों से 15 लाख रुपए ठगे, देखें वीडियो

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मोहालीः फर्जी इमिग्रेशन कंपनियों का अड्डा बन चुके मोहाली में लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। ताजा मामला मोहाली के फेज 10 से सामने आया है जहां, चिराग इमिग्रेशन के एजेंट ने नेपाल के 3 लोगों को अल्बानिया भेजने के नाम पर 15.70 लाख रुपए ठग लिए। इस संबंध में गुरुवार को समाजसेवी सिमरनजीत सिंह ने पीड़ित नेपाली मूल के मोहन गिमरी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

इस दौरान उन्होंने बताया कि मोहन 2024 में फेज 10 स्थित चिराग इमिग्रेशन कंपनी में गया था। उसने अपने साथ 2 अन्य लोगों के लिए वीजा अप्लाई किया था। कंपनी के मालिक प्रताप सिंह रंधावा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उन्हें तुर्की के रास्ते अल्बानिया भेज देगा और वहां नौकरी लगवा देगा। इसके लिए कंपनी ने उनसे अलग-अलग किस्तों में 15.70 लाख रुपए लिए। इसके बाद न तो उन्हें अल्बानिया भेजा गया और न ही उनके पैसे वापस किए गए। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एसएसपी मोहाली को भी शिकायत दी, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कंपनी मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी मालिक ने तीनों लोगों को पहले भारत से तुर्की भेजा। इमिग्रेशन एजेंट ने तुर्की जाने के लिए टिकट तो ले लिए लेकिन वापसी की टिकट फर्जी थी और वहां की होटल बुकिंग भी फर्जी थी। इसलिए जब वे तुर्की एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां इमिग्रेशन अधिकारी ने उनके सभी दस्तावेज चेक किए जो फर्जी पाए गए, इसके बाद उन्हें वहां से डिपोर्ट कर दिया गया। जब वह तुर्की से लौटा और इमिग्रेशन एजेंट को इस बारे में बताया तो उसने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, वह उन सभी लोगों को किसी न किसी तरह वापस न्यूजीलैंड भेज देगा। इसलिए एजेंट ने फिर से कागजी कार्रवाई शुरू कर दी और उनसे फिर से पैसे लेने शुरू कर दिए, लेकिन करीब 1 साल बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें दोबारा वीजा दिया गया और न ही कहीं भेजा गया।

समाजसेवी सिमरनजीत सिंह ने कहा कि मोहाली फर्जी इमीग्रेशन कंपनियों का गढ़ बन चुका है। यहां से फर्जी एजेंट ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए लोगों को लुभाते हैं और दूसरे राज्यों से मोहाली बुलाकर ठगी करते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि चिराग इमीग्रेशन कंपनी के मालिक प्रताप सिंह रंधावा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर फेज-11 थाने के बाहर धरना देंगे।

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