इस दिन शुरू होगी Amarnath yatra, तैनात की जाएंगी CAPF 581 कंपनियां

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पहली बार इतने कम दिनों की होगी यात्रा

नई दिल्लीः बाबा बर्फानी के दर्शन का इंतजार कर रहे लाखों शिवभक्तों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। अमरनाथ धाम की वार्षिक यात्रा 2025 की शुरुआत 3 जुलाई से हो रही है। इस साल 38 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के पावन दिन समाप्त होगी। इस साल श्री अमरनाथ यात्रा के लिए विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की कुल 581 कंपनियां तैनात की जाएंगी। 3 जुलाई से 9 अगस्त तक होने वाली यह यात्रा पहली बार 38 दिनों की कम अवधि में आयोजित की जाएगी। इस साल की अमरनाथ यात्रा पहले से थोड़ी छोटी जरूर होगी, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कहीं ज्दाया सख्त और हाईटेक होने जा रही है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार ने मिलकर एक बड़ा और सुनियोजित सुरक्षा प्लान तैयार किया है, जिससे यात्रियों को पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके। पिछली बार यह यात्रा 52 दिन चली थी। यात्रा की अवधि घटाने के बावजूद, सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखी गई है। इस बार सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने मिलकर पूरी यात्रा के लिए एक संयुक्त सुरक्षा योजना बनाई है। पूरे रूट का सुरक्षा ऑडिट किया गया है, साथ ही डिजिटल मैपिंग भी की गई है ताकि हर इलाके पर पैनी नजर रखी जा सके। सभी यात्रियों और पोनी राइडर्स के लिए डिजिटल पहचान पत्र बनाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, यात्रा रूट से जुड़े सभी नेशनल हाईवे और अप्रोच रूट्स को काफिले के दौरान ब्लॉक किया जाएगा। खास बात यह है कि पहली बार अमरनाथ यात्रा काफिले के साथ जैमर लगाए जाएंगे और CAPF की एस्कॉर्ट टीमें सुरक्षा प्रदान करेंगी। सुरक्षा के लिए ड्रोन, बम डिस्पोजल स्क्वाड, क्विक रिएक्शन टीम (QRT), के-9 डॉग स्क्वाड और ज्वाइंट पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) भी तैनात रहेंगे। हर यात्री के मूवमेंट पर निगरानी रखने के लिए ट्रैकिंग और निगरानी तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम और GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम भी एक्टिव रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी होगी कि किसी भी आपात स्थिति में फौरन प्रतिक्रिया दी जा सके। अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और सुरक्षा का संतुलन बनाकर चलाया जाने वाला एक बड़ा मिशन बन चुका है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियां बता रही हैं कि इस बार की यात्रा श्रद्धा और सुरक्षा-दोनों की मिसाल बनेगी।

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