Jalandhar News: बाबा साहेब की प्रतिमा से छेड़छाड़ मामले में आरोपी गिरफ्तार

पुलिस जांच में हुआ खुलासा, जीजे की तालाश में रेड जारी

जालंधर, ENS: फिल्लौर के गांव नंगल में कुछ दिन पहले बाबा साहेब की प्रतिमा को शरारती अनंसरों द्वारा नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। इस घटना को लेकर लोगों में भारी रोष भी पाया गया था। वहीं घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें व्यक्ति द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर स्प्रे भी किया गया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को बरनाला से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलविंदर सिंह बिंदर निवासी गांव केहर सिंह वाला, संगरूर के रूप में हुई है। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया कि बाबा साहेब की प्रतिमा का अनादर उसके जीजा रेशम सिंह वासी गांव हमीदी पत्ती (बरनाला) ने किया था। बताया जा रहा है कि कुलविंदर सिंह के जीजा के तार सीधे अमेरिका में रह रहे आतंकी गुरपतवंत सिंह पत्रू से जुड़े हैं। इससे पहले जीजा के साथ मिलकर जून 2022 में संगरूर और करनाल में 3 जगह खालिस्तानी नारे लिखे थे। तब पुलिस ने कुलविंदर सिंह, उसके बेटे मनप्रीत सिंह और जीजा रेशम सिंह को पकड़ा था। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त हेलमेट बरामद किया है। बिंदर ने माना कि वह जीजा संग रैकी करने आया था। तब उसने हेलमेट पहना था। पुलिस जाचं में सामने आया कि बिंदर ने अपने ही पिता की मई 2017 कत्ल किया था। पिता के कत्ल के केस में वह जेल में बंद था। खालिस्तानी नारे वाले पुराने केस में करीब 6 महीने पहले बेल पर आए थे। बिंदर ने कहा कि जीजा रेशम ही बता सकता है कि कितने पैसे मिले थे। बिंदर से पूछताछ की जा रही है और रेशम की तलाश में टीमें रेड कर रही है। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि एक जून की रात गांव नंगल में बाबा साहेब की प्रतिमा का अनादर किया गया था। जिसके बाद मामला ट्रेस करने के लिए डीएसपी इंदरजीत सिंह सैनी, सरवन सिंह बल, सीआईए इंचार्ज पुष्पबाली और थाना फिल्लौर के एसएचओ संजीव कपूर को जांच सौंपी गई थी। टीम ने 10 दिन की मेहनत के बाद सीसीटीवी फुटेज के जरिए मामला ट्रेस कर बरनाला से बिंदर को गिरफ्तार कर लिया। बिंदर ने माना कि घटना को अंजाम देने के लिए उसका जीजा रेशम अकेला आया था, लेकिन साजिश में रैकी में वह संग था। रेशम उसे लुधियाना में मिला था। जिसके बाद उसे नहीं पता कि जीजा कहां चला गया। जांच में यह बात आई है कि रेशम पहले चंडीगढ़ के एक मॉल में गार्ड का काम करता था। वह शराब पीने का आदी है। इस दौरान उसके तार 2022 में आतंकी पन्नू से जुड़ गए थे। उसके बैंक खाते में पैसे आने शुरू हो गए थे। थे। इसके बाद उसने बाप के कत्ल केस में बेल पर आए साले बिंदर और उसके बेटे को अपनी गैंग में शामिल कर लिया था। सब से पहले संगरूर में जून 2022 में दो बार खालिस्तान नारे लिखे थे और फिर करनाल में। जुलाई महीने में वह लोग पकड़े गए थे। यह साजिश अमेरिका में रह रहे आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा में रहते अपने दो गुर्गे की मदद से बनाई थी। 31 मार्च की सुबह विवादित नारे लिखे मिलने पर थाना फिल्लौर में बीएनएस की धारा 299 व 113 के तहत केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आतंकी साजिश सामने आने पर केस में यूएप यूएपीए की धारा 10 व 13 जोड़ दी गई थी।  

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